स्मार्ट मीटर में भोपाल ने मारी बाजी
भोपाल । मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर के मामले में भोपाल ने बाजी मार ली है। इस मामले में ग्वालियर फिसड्डी साबित हो रहा है। अब तक कुल लगाए गए 76 हजार 277 स्मार्ट मीटर में से अकेले भोपाल के शहरी इलाकों में 66 हजार 943 और भोपाल ग्रामीण में छह हजार 745 मीटर लगे हैं, जबकि इस मामले में ग्वालियर शहर में 97, ग्वालियर ग्रामीण में 559 मीटर ही लग पाए हैं। इन स्मार्ट मीटरों के लगने से उपभोक्ताओं से लेकर कंपनी तक को फायदा हो रहा है। कंपनी को जहां बिजली चोरी और बिलों की बकाया राशि वसूलने से मुक्ति मिली है, तो उपभोक्ताओं को देरी से होने वाली बिलिंग से राहत मिली है। दरअसल यह स्मार्ट मीटर लगाने का काम केंद्र सरकार की रिवेंड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के तहत किया जा रहा है। बिजली कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक नर्मदापुरम ग्रामीण में एक हजार 414, बैतूल ग्रामीण में 99, राजगढ़ ग्रामीण में 102, सीहोर ग्रामीण में 305, विदिशा ग्रामीण में 14 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार होगा। स्मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है।
बिल में राहत
स्मार्ट मीटर के लगने से सुरक्षा निधि से छूट, पहले से जमा सुरक्षा-राशि से पहला रिचार्ज, मौजूदा टैरिफ के अनुसार, घरेलू एवं गैर घरेलू व्यावसायिक बिल में 25 पैसे प्रति यूनिट की छूट, ऊर्जा-प्रभार से जुड़े अन्य प्रभारों यथा विद्युत शुल्क, टीओडी सरचार्ज, पावर फैक्टर सरचार्ज की घटी विद्युत दर से गणना, प्रत्येक भुगतान पर, बिल राशि के शून्य से पांच प्रतिशत की छूट, घरेलू श्रेणी में छूट की कोई अधिकतम सीमा नहीं, जबकि अन्य श्रेणियों में छूट की अधिकतम सीमा में 20 रुपये जैसे लाभ मिलेंगे।
यह है स्मार्ट मीटर की खासियत
- स्मार्ट मीटर एक डिजिटल डिवाइस है, जो बिजली के उपयोग को प्रति घंटे या उससे कम अंतराल पर रिकॉर्ड करता है।
- यह वायरलेस या वायर्ड नेटवर्क के जरिए यूटिलिटी प्रोवाइडर से जुड़ा होता है।
- स्मार्ट मीटर से रिमोट मीटर रीडिंग, आउटेज का पता लगाना और अपडेट करना संभव होता है।
- स्मार्ट मीटर, पारंपरिक मीटरों के मुकाबले रियल टाइम में बिजली के इस्तेमाल के आंकड़े देता है।
- स्मार्ट मीटर दो तरह के होते हैं, तीन-चरण और एकल-चरण।
- औद्योगिक और वाणिज्यिक उद्यमों में आम तौर पर तीन-चरण कनेक्शन का इस्तेमाल किया जाता है।
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