शेख हसीना पर बांग्लादेश सरकार का शिकंजा, दो नए मामलों में हुई FIR दर्ज
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को राहत की सांस लेने का मौका ही नहीं मिल रहा है. एक के बाद एक बांग्लादेश की नई सरकार हसीना पर मुश्किलों को बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है. अब हसीना पर देश में 2 नए केस दर्ज कर लिए गए हैं. हालांकि, इससे पहले हसीना की पार्टी पर आसमान तब टूटा था जब देश की अंतरिम सरकार ने पार्टी को आधिकारिक रूप से बैन कर दिया था और इसी के साथ उनको चुनाव लड़ने से भी कोसों दूर कर दिया है.
शेख हसीना पर दर्ज किए गए केस उस समय से जुड़े हैं जब देश में छात्र आंदोलन छिड़ गया था और हिंसक हो गया था. इसी दौरान एक शख्स की गोली लग कर मौत हो गई थी और अब इसी शख्स की मां ने शेख हसीना और अवामी लीग के बाकी नेताओं पर केस दर्ज कराया है.
किस मामले में केस दर्ज
पिछले साल जिस समय छात्र आंदोलन छिड़ा था तभी 20 जुलाई को नारायणगंज के शिमराइल इलाके में छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान जूता फैक्ट्री में काम करने वाले सजल मियां (20) की गोली लगने से मौत हो गई थी. इसी को लेकर अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ-साथ 61 अवामी लीग नेताओं और कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दायर किया गया है.
आरोपियों में पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल, एएल महासचिव ओबैदुल कादर, नारायणगंज नगर निगम की पूर्व मेयर सेलिना हयात आइवी, पूर्व विधायक शमीम उस्मान और नजरूल इस्लाम बाबू, शमीम के बेटे इम्तिनान उस्मान अयोन और भतीजे अजमेरी उस्मान शामिल हैं.
ऑफिसर इन-चार्ज शाहीनूर आलम ने कहा, यह केस पीड़ित सेजल की मां रूना बेगम ने शुक्रवार रात को नारायणगंज के सिद्धिरगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया था.
कैसे हुई मौत
जानकारी के मुताबिक, सजल की मौत प्रोटेस्ट के दौरान हुई थी. पिछले साल 20 जुलाई को भेदभाव विरोधी आंदोलन में सजल शामिल हुए थे, तभी एक अवामी लीग के शख्स ने ढाका-चट्टोग्राम हाईवे पर डच-बांग्ला बैंक क्षेत्र के पास छात्रों पर कथित तौर पर गोलियां चलाईं. इसी अंधाधुंध गोलीबारी के दौरान सजल को पेट में गोली लगी थी, गोली लगने के फौरन बाद उसको अस्पताल ले जाया गया था लेकिन उस ने अस्पताल में दम तोड़ दिया.
शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि अवामी लीग के डायरेक्शन पर अटैक किया गया था, जिसमें शेख हसीना और बाकी शीर्ष नेताओं के शामिल होने तक का दावा किया गया है.
किस मामले में दर्ज किया गया दूसरा केस?
इस केस के साथ शेख हसीना पर एक और केस दर्ज किया गया है. भुयापुर के कमरुल हसन ने तंगेल न्यायिक मजिस्ट्रेट रुमेलिया सिराजम की अदालत में एक मामला दायर किया, जिसमें हसीना और 193 और लोगों पर साल 2024 में “डमी चुनाव” आयोजित करने और वोट में धांधली का आरोप लगाया है.
193 आरोपियों में पूर्व मंत्री मुहम्मद अब्दुर रज्जाक, पूर्व विधायक सोटो मोनिर, पूर्व सीईसी काजी हबीबुल अवल, पूर्व आईजीपी चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून और पूर्व तंगेल डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद शाहिदुल इस्लाम शामिल हैं.
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