छतरपुर। श्री कृष्णा विश्वविद्यालय लीगल एड क्लीनिक एवं जिला विधिक सहायता प्राधिकरण छतरपुर के संयुक्त तत्वाधान में एंटी रैंगिंग विधियों पर कार्यशाला आयोजित की गई कार्यशाला का प्रारंभ मॉं वीणावादिनी के पूजन से किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राजेश देवलिया, विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला विधिक सहायता प्राधिकरण के सचिव विष्णु प्रताप सोलंकी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री कृष्णा विश्वविद्यालय के  कुलाधिपति डॉ. बृजेन्द्र सिंह गौतम ने की।  
कार्यशाला में  स्वागत भाषण विश्वविद्यालय की एंटी रैगिंग कमेटी की समिति की सदस्य पूनम चौरसिया, सहा. प्राध्यापक विधि विभाग द्वारा दिया गया कार्यशाला में जिला विधिक प्राधिकरण सचिव विष्णुप्रताप सोलंकी ने रैगिंग संबंधी कानूनी प्रावधानों की व्याख्या दी तथा रैगिंग न करने हेतु छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किया।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि राजेश देवलिया द्वारा रैगिंग के प्रमुख प्रावधानों के सामाजिक एवं कानूनी पहलुओं की व्याख्या करते हुए जूनियर सीनियर में स्नेह एवं सम्मान संबंधों को बनाये रखने के लिए छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शन दिया तथा छात्र-छात्राओं को अपने अध्ययन पर ध्यान देकर विधि क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए मार्गदर्शित किया साथ ही दृष्टांत देते हुए कहा की हमारा भला तब ही हो सकता है जब हम अपने पडोसी और अपने परिवार का भला सोचे। तथा छात्र-छात्राओं को एंटी रैगिंग टोल फ्री  हेल्प लाइन नंबर 18001805522 के बारे में जानकारी दी।
कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे श्री कृष्णा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. बृजेन्द्र सिंह गौतम ने विश्वविद्यालय के विधि विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में रैगिंग संबंधित कोई भी प्रकरण लंबित नहीं है विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालायीन स्तर पर एंटी रैगिंग समिति का निर्माण किया गया जिसमें छात्र-छात्राओं की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाता है।  
कार्यक्रम का आभार विधि विभाग के प्राध्यापक डॉ. दिनेश बाबू द्वारा किया गया कार्यशाला का सफल संचालन विधि विभाग के सहायक प्राध्यापक माधव शरण पाठक द्वारा किया गया। कार्यशाला में विधि विभाग के विभागाध्यक्ष विवेक प्रताप सिंह, सहायक प्राध्यापकगण चंद्रदीप सिंह, मेघांजलि तिवारी, सपना तिवारी, अनुराधा तिवारी, अंकित दीक्षित, सोनाली खरे, रीना शर्मा, वीरेन्द्र पाल, पुष्पेन्द्र अहिरवार, रवि विश्वकर्मा, के साथ-साथ विधि विभाग के छात्र-छात्राऐ उपस्थित रहे।