राशन कार्ड बना बदलाव की चाबी-अब बच्चों का भविष्य सुरक्षित
मोहला : ग्राम मरकाटोला निवासी यमुना मेश्राम की जिन्दगी में एक समय ऐसा भी था जब उन्हें बाजार से महंगे दामों पर अनाज खरीदना पड़ता था। सीमित आमदनी के चलते यह बोझ उनके परिवार की जरूरतों पर भारी पड़ता था। बच्चों की किताबें और कपड़े जैसी बुनियादी चीजों के लिए पैसे जुटाना मुश्किल हो जाता था।
लेकिन जब उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजना अंतर्गत राशन कार्ड प्राप्त हुआ, तब से उनकी जिंदगी में बदलाव की नई कहानी लिखी गई। अब उन्हें हर महीने ग्राम पंचायत की राशन दुकान से मुफ्त चावल मिल रहा है। इस छोटे से बदलाव ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी जिस पैसों से पहले केवल खाने का इंतजाम होता था, अब उससे बच्चों की किताबें, कपड़े और छोटी-मोटी घरेलू जरूरतें पूरी हो जाती हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अब थोड़ी-थोड़ी बचत करना भी शुरू कर दिया है।
यमुना कहती हैं कि, राशन कार्ड सिर्फ अनाज की पर्ची नहीं है, ये मेरे लिए आत्मसम्मान, सुरक्षा और भविष्य की उम्मीद का द्वार है। वे शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि इस योजना ने मुझे और मेरे परिवार को एक नई शुरुआत का मौका दिया। अब हमारे घर में सिर्फ भोजन ही नहीं, मुस्कान और विश्वास भी है।
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