कुएं की जहरीली गैस से गई मासूम समेत तीन की जान
कुएं में गिरी बच्ची को निकालने उतरे दो युवकों की जहरीली गैस से मौत हो गई। मासूम को भी नहीं बचाया जा सका। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के गुड़िया गांव में गुरुवार शाम हुई घटना से कोहराम मच गया।
रस्सी व लोहे के हुक के सहारे शवों को बाहर निकाला गया। घटना की जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों व एनडीआरएफ टीम पर ग्रामीणों ने देर से आने का आरोप लगाते हुए घेराव किया।
गुड़िया गांव के प्रमोद बिंद की माता इनरा देवी का गुरुवार को त्रयोदशाह था। इसमें शामिल होने के लिए पड़ोसी प्रदीप बिंद की चार साल की बेटी माही भी स्वजन संग आई थी। भीड़ के बीच खाना-पीना चल रहा था। इसी दौरान माही प्रमोद के घर दरवाजे के पास मौजूद कुएं के पास चली गई। उसमें झांकते हुए असंतुलित होकर कुएं में गिर गई।
उसकी चीख सुनकर वहां मौजूद लोग भागे-भागे कुएं के पास पहुंचे और बच्ची को बचाने का प्रयास शुरू किया। उसे बाहर निकालने का कोई उपाय न देख कर प्रमोद का 25 वर्षीय बेटा ऋषिकेश बिंद व मीरजापुर के अदलपुरा से आए रिश्तेदार 30 वर्षीय रामकेश बिंद सबमर्सिबल की पाइप पकड़ कुएं में उतर गए। कुएं में जहरीली गैस के कारण तीनों का दम घुटने लगा।
मिर्जामुराद : गुड़िया गांव स्थित कुंआ। जागरण
यह देखकर वहां कोहराम मच गया तीनों को बचाने के लिए हर कोई बेचैन हो उठा लेकिन किसी हिम्मत कुएं में उतरने की नहीं हुई। लोगों ने रस्सी फेंककर उन्हें बाहर लाने की कोशिश। गैस के प्रभाव से अचेत हो रहे दोनों युवक व बच्ची रस्सी के सहारे ऊपर नहीं आ पा रहे थे।
ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना देने के साथ प्रयास जारी रखा। रस्सी व लोहे के हुक के जरिए सबसे पहले ऋषिकेश को बाहर निकाला। थोड़े प्रयास के बाद माही फिर रामकेश को बाहर निकाल लिया गया। जहरीली गैस के प्रभाव से बच्ची की सांसें थम चुकी थीं।
दोनों युवकों को एंबुलेंस से हेरिटेज अस्पताल भेजा गया जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंचे एडीएम प्रशासन विपिन कुमार व एनडीआरएफ की टीम पर देर से आने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने घेराव किया। डीसीपी गोमती जोन आकाश पटेल के समझाने-बुझाने पर ग्रामीण शांत हुए।
पिता के जिगर का टुकड़ा थी माही
हेरिटेज हास्पिटल में वार्ड ब्वाय की नौकरी करने वाले प्रदीप बिंद की बेटी माही उसकी पहली संतान थी। वह उसे अपनी जान से भी ज्यादा चाहता था। बेटी की मौत को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। माही की मां सीता देवी भी रोते-रोते बेसुध हो जा रही थीं। दोनों को छह माह का पुत्र कार्तिक है।
दादी की तेरहवीं में पोते की मौत से मातम
दादी की तेरहवीं के दिन पोते ऋषिकेश व रिश्तेदार रामकेश व मासूम की मौत से गांव में मातम पसर गया। किसान प्रमोद बिंद के दो बेटों व दो बेटियों सबसे बड़ा ऋषिकेश अविवाहित था। रिश्तेदार रामकेश ईंट-भट्ठा पर ईंट पाथने का काम करता था। मृतक को दो पुत्र व दो पुत्री हैं।
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