उपकेंद्रों पर लगा सीयूजी नंबर व्यस्त, कंट्रोल रूम में दर्ज हो रहीं शिकायतें
शहर के सात डिवीजन से संबंधित उपकेंद्रों पर उपभोक्ताओं की सुविधा के मद्देनजर सीयूजी नंबर उपलब्ध कराया गया है। इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति बिजली संबंधित सूचनाएं दर्ज करा सकता है। लेकिन इस सुविधा का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। बिजली गुल होने के बाद अधिकांश उपकेंद्रों के सीयूजी नंबर व्यस्त मोड़ पर चले जाते हैं। थकहार कर लोग मुख्य अभियंता कार्यालय में बने कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज कराते हैं।
शहर के कसारी-मसारी, केंद्रांचल, ओल्ड खुसरोबाग, कीडगंज, तेलियरगंज, झलवा, 120 फीट रोड उपखंड ऐसे हैं, जहां बिजली जाने के बाद यहां लगा सीयूजी नंबर व्यस्त हो जाता है। लोग फोन लगाते रहते हैं, लेकिन कुछ नहीं होता। थकहार कर लोग मुख्य अभियंता कार्यालय में बने कंट्रोल रूम में फोन करके शिकायत दर्ज कराते हैं। आंकड़ों को देखें तो एक जून से 19 जून तक करीब 200 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
लोग यहां फोन करके सबसे पहले यही कहते हैं कि संबंधित उपकेंद्र का फोन लगातार व्यस्त है। इसलिए वह कंट्रोल रूम में फोन कर रहे हैं। कंट्रोल रूम के कर्मचारियों का भी यही कहना है कि शिकायत मिलने पर जब वह संबंधित उपकेंद्रों पर फोन लगाते हैं तो वहीं स्थिति रहती है जो शिकायतकर्ता ने बताई थी।
लोगों का कहना है कि उपकेंद्रों पर सीयूजी नंबर इसलिए उपलब्ध कराया गया है, ताकि लोग बिजली कटने, शार्टसर्किट से कहीं आग लगने, तार टूटने आदि की जानकारी दे सकें, लेकिन यह निरर्थक साबित हो रहा है। मुख्य अभियंता राजेश कुमार का कहना है कि उपकेंद्रों पर लगे सीयूजी नंबर बिजली जाने के बाद व्यस्त क्यों हो जाते हैं, इसकी वह जांच कराएंगे। इसमें जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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