स्टाफ की कमी से जूझ रही रेलवे: रिटायर्ड कर्मचारियों को मिलेगा दोबारा नौकरी का अवसर, ये हैं शर्तें
रेलवे ने रिटायर हुए कर्मचारियों को एक और मौका देने का फैसला किया है. अब रेलवे में जो नॉन-गजेटेड (Non-Gazetted) यानी छोटे स्तर के पद खाली हैं, उन्हें भरने के लिए रिटायर कर्मचारियों को फिर से कॉन्ट्रेक्ट (Contract) पर काम पर रखा जा सकेगा.
अब तक नियम यह था कि कोई भी रिटायर्ड कर्मचारी सिर्फ उसी पद पर दोबारा काम कर सकता था जिस पद पर वो रिटायर हुआ था. यानी जिस वेतन स्तर (Pay Level) पर रिटायर हुआ है, उसी वेतन स्तर के पद पर उसे फिर से रखा जा सकता था. अब रेलवे ने इस नियम में ढील दी है.
क्या है नए नियम?
नए नियम के अनुसार-
- Pay Level-1 से Pay Level-9 तक के खाली पदों पर रिटायर्ड कर्मचारियों को फिर से नियुक्त किया जा सकता है.
- अब कोई रिटायर्ड कर्मचारी अपने रिटायरमेंट वाले पद से तीन लेवल नीचे के पद पर भी दोबारा काम करने के लिए आवेदन कर सकता है.
- उदाहरण के तौर पर, अगर कोई कर्मचारी Pay Level-6 से रिटायर हुआ है, तो उसे Level-6, Level-5, Level-4 और Level-3 तक के पदों के लिए चुना जा सकता है.
रेलवे ने यह भी साफ किया है कि पहले प्राथमिकता उन्हें दी जाएगी जो उसी लेवल से रिटायर हुए हैं, यानी जिस लेवल का पद खाली है, उसी लेवल से रिटायर्ड व्यक्ति को पहले मौका मिलेगा. अगर ऐसे लोग उपलब्ध नहीं हैं, तभी ऊपर के लेवल से रिटायर लोगों को मौका मिलेगा.
अब डिवीजन स्तर पर (जैसे ज़ोन या मंडल में) रिटायर्ड कर्मचारियों की भर्ती का अधिकार डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM) के पास होगा. रेलवे मुख्यालय में भर्ती का फैसला अब भी जनरल मैनेजर (GM) ही करेंगे. पूरे रेलवे ज़ोन में कितने रिटायर्ड कर्मचारियों को दोबारा रखा जाए, इसका फैसला भी जनरल मैनेजर ही करेंगे.
जरूरी शर्तें क्या हैं?
- यह नियुक्ति तभी होगी जब असली जरूरत हो.
- पूरी जांच और सोच-विचार के बाद ही रिटायर्ड स्टाफ को वापस लिया जाएगा.
- ये नया नियम जारी होने की तारीख से लागू होगा.
- यह आदेश रेलवे बोर्ड की मंजूरी और वित्त विभाग की सहमति से जारी किया गया है.
रेलवे ने रिटायर्ड कर्मचारियों को फिर से काम का मौका देकर स्टाफ की कमी को पूरा करने की कोशिश की है. इससे रेलवे का कामकाज भी बेहतर होगा और अनुभवी कर्मचारियों को भी एक और मौका मिलेगा.
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