मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, 4 जिलों के लिए रेड अलर्ट, मुरैना में बाढ़ जैसे हालात
मध्य प्रदेश में मॉनसून ने रफ्तार पकड़ ली है और ये लगभग पूरे प्रदेश में एक्टिव हो चुका है. रविवार को राजधानी भोपाल में मॉनसून की जोरदार बारिश हुई. रविवार सुबह शुरू हुई बारिश दोपहर तक धीमी-धीमी चलती रही और दोपहर तीन बजे तक भोपाल में 1 इंच पानी बरस गया. वहीं मुरैना और उससे लगे इलाकों में मॉनसून की शुरुआती बारिश में ही बाढ़ जैसे हालात बन गए.
मध्य प्रदेश में बारिश का रेड अलर्ट
आईएमडी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के ऊपर 1.5 किमी की ऊंचाई पर मॉनसून की एक ट्रफ लाइन बनी हई है. यह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से तेजी से नमी खींच रही है. ये ट्रफ लाइन राजस्थान, एमपी से लेकर पश्चिम बंगाल तक गई है, जिस वजह से कई जगहों पर भारी से भारी बारिश के आसार हैं.
आज उज्जैन, आगर मालवा, राजगढ़, शाजापुर में भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी है. वहीं देवास, नीमच, इंदौर और मंदसौर में तेज बारिश का अलर्ट है. इसके अलावा भोपाल, खंडवा, बैतूल व नर्मदापुरम में सामान्य बारिश हो सकती है.
मुरैना में बारिश से हालात बिगड़े
मॉनसून ने चम्बल-अंचल में दस्तक देते ही मुरैना जिले का बुरा हाल कर दिया है. पहले तीन दिन की लगातार बारिश के बाद रविवार को भी सुबह से झमाझम बारिश देखने मिली. जिला मुख्यालय सहित अन्य कस्बों में मॉनसून की शुरुआती बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. सबलगढ़ में टोंगा तालाब ओव्हर फ्लो होने से तीन गांव जलमग्न हो गए. वहीं, कैलारस में भी हालात असामान्य होने से जौरा विधायक ने पानी मे धरना देने का ऐलान कर दिया है.
जून में 10 गुना ज्यादा बारिश
मुरैना शहर की बात की जाए तो सरकारी और प्राइवेट बस स्टैंड में पानी घुटनों से ऊपर तक भर गया है. कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं.टोंगा तालाब से सटी बस्तियों के अलावा बुद्ध पुरा, कुतघान और रानीपुरा गांव में पानी भर गया है. तीनो गांवों में पानी भरने से लोगों के खाने-पीने के सामान सहित पशुओं का चारा भी नष्ट होने की कगार पर है. मौसम विभाग के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में जून माह में इस बार 10 गुना अधिक बारिश हो गई है.
टीकमगढ़ में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
दूसरी ओर टीकमगढ़ में इस साल बारिश कई रिकॉर्ड तोड़ सकती है. दरअसल, जून के महीने में पिछले पांच सालों में यहां जितनी बारिश हुई, उससे ज्यादा पानी सिर्फ एक दिन में (9 इंच) ही बरस गया. इस वजह से टीकमगढ़ में भी हालात बिगड़ गए हैं. सड़कों जलमग्न हैं और घरों के अंदर पानी घुस गया है.
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