बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर संघ और आलाकमान के बीच फंसा पेंच
नई दिल्ली। राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर भारतीय जनता पार्टी में लंबे समय से आलाकमान और संघ के बीच पेंच फंसा हुआ है। बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल जनवरी 2023 में समाप्त हो चुका था लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव के चलते जून तक कार्यकाल को विस्तार दिया था। संघ के सूत्रों के अनुसार संघ ने बीजेपी को अपनी राय पहले ही बता दी है। संघ अपनी ओर से पार्टी नए अध्यक्ष के लिए मानदंड बता चुका है। संघ चाहता है कि नया अध्यक्ष संगठन को मजबूत करने वाला शख्स हो।
दरअसल, 4 से 6 जुलाई तक संघ की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक दिल्ली में होनी है। इसमें सरसंघचालक मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले सहित सभी 6 सहसरकार्यवाह सहित संघ के पदाधिकारी मौजूद रहने वाले है। इस चर्चा में नए पार्टी अध्यक्ष के नाम पर मुहर लग सकती है। सूत्रों के अनुसार बैठक दौरान पार्टी अध्यक्ष को लेकर बीजेपी आलाकमान और संघ के नेताओं चर्चा हो सकती है।
जहां बीजेपी संगठन को मजबूत करने और संभाल सकने वाले नेता को अध्यक्ष बनाना चाहती है। अध्यक्ष के चयन में राजनीतिक संदेश देने के बजाए संगठन को मजबूत करने वाले नेता को प्राथमिकता देने की जरुरत है। पार्टी की सर्वोच्च निर्णायक संस्था पार्लियामेंट्री बोर्ड में कद्दावर नेताओं को तरजीह दी जा सकती है। बताया जा रहा हैं कि बीजेपी आलाकमान और संघ के नेतृत्व के बीच पार्टी के नए अध्यक्ष के चयन को लेकर अभी आम राय नहीं बन पा रही है।
नया अध्यक्ष बनने के बाद 50 प्रतिशत राष्ट्रीय महासचिवों की छुट्टी हो सकती है और नए अध्यक्ष की टीम में युवा नेताओं को बतौर महासचिव जगह दी जाएगी। जानकारी के अनुसार अभी तक 14 राज्यों के अध्यक्षों का चुनाव हो चुका है। नए अध्यक्ष के नाम पर आम राय न बन पाने और गुजरात, यूपी, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, और पश्चिम बंगाल जैसे महत्वपूर्ण राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष तय न हो पाने के कारण चुनाव अटका हुआ है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले पार्टी चाहती है उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरे हो जाए। उनमें प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव करा लिया जाए जिससे देश में ये संदेश जाए पार्टी ने सभी बड़े राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव पार्टी में आम सहमति से सम्पन्न करा लिए हैं।
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