छतरपुर। गुरु पूर्णिमा के उत्सव पर  अरियाज राज्य के वेंतनाक ( तुलुस ) एवं इटली के पोर्तोसांता मागारिता ( वेनिस ) मे दद्दा जी कल्चर सेंटर द्वारा बुंदेलखंड के ब्रह्मलीन संतो को याद कर  बागेश्वर धाम एवं मन्नत महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसी प्रकार इटली के प्रमुख संत पादरे पियु एवं फ्रांस के लूद की मरियम माता को याद किया गया इस कार्यक्रम में बुंदेलखंड के ब्रह्मलीन संतो श्री मतंग ऋषि, सन्यासी बाबा, ब्रह्म बाबा, नारायण महाराज, प्रेमगिरी महाराज, पूजयनीय दद्दा जी, श्री मतंग धूना ( झाड़ू वाले बाबा  ), श्री विद्यासागर जी महाराज, एवं भगवान रजनीश ( ओशो ) के जीवन पर मतंगेश्वर सेवा समिति खजुराहो के पंडित सुधीर शर्मा द्वारा एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमे उनके जीवन पर संक्षिप्त प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि गुरु पूर्णिमा का अर्थ गुरु + पूर्ण + माँ अर्थात सर्वप्रथम माँ ही पूर्ण गुरु है ततपश्चात गुरु ही पूर्ण माँ है।
उन्होंने कहा कि इस दुनिया मे पहला गुरु वह जिसने हमें जन्म दिया अर्थात माँ दूसरी धरती माँ जिसकी गोद मे हम खेलकर बड़े हुए है अपनी ब्रह्मलीन माँ श्रीमती पुष्पा शर्मा ( बड़ी बहिन जी ) को याद करते हुए बताया कि उनके बताए हुए मार्ग शिक्षा एवं सेवा का कार्य हमारी संस्था परिवर्तन एनजीओ के द्वारा एक बहुत बड़े स्तर पर देश विदेशों मे किया जा रहा है उपस्थित सभी लोगों ने इस कार्य मे सहयोग करने कि इच्छा जताई यह पर्व गुरु के प्रति सम्मान और आभार प्रकट करने के लिए मनाया जाता है।
गुरुब्र्रह्मा गुरुर्विष्णु: गुरुर्देवो महेश्वर:
गुरु साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नम:॥
गुरु ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान पूजनीय हैं. वे केवल शास्त्रों का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि आत्मा को जाग्रत कर मोक्ष का मार्ग भी दिखाते हैं. यही कारण है कि गुरु के बिना किसी भी शिष्य की आध्यात्मिक उन्नति अधूरी मानी जाती है।
पूज्यनीय दद्दा जी की विशेष पूजा अर्चना सुरेंद्र गुप्ता, अंजली गुप्ता माधुरी गुप्ता, पास्कल एवं उपस्थित सभी के द्वारा की गई कार्यक्रम मे पेरिस मे भारतीय दुतावास एवं तुलुस के स्थानीय प्रशासन का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। आश्रम मे भजन कीर्तन का भव्य आयोजन किया गया तत्पश्चात सभी को प्रसाद वितरण किया गया यह नवदिवसीय कार्यक्रम यूरोप के बेल्जियम, स्पेन एवं चेक गडऱाज्य मे मनाया जाएगा।