गांव की सत्ता पर टकराव: सरपंच और उपसरपंच में बढ़ा विवाद
हाईकोर्ट पहुंचा मामला, सुप्रीम कोर्ट जाने की भी तैयारी
भोपाल। मप्र में पंचायतों में रिक्त पड़े पदों के लिए उपचुनाव की प्रक्रिया कई जिलों में चल रही है। रतलाम जिले में भी करीब एक दर्जन से अधिक ग्राम पंचायत में चुनाव होने हैं, लेकिन यहां की एक ग्राम पंचायत में सरपंच और उपसरपंच की कानूनी रस्साकशी में उपचुनाव स्थगित हो गया है। मामला हाईकोर्ट में पहुंच जाने की वजह से अब यहां चुनाव फिलहाल टाल दिए गए है।
ग्राम पंचायत जामथुन के सरपंच को धारा 40 के तहत कर्तव्य में लापरवाही बरतने की वजह से पद से हटा दिया गया था, लेकिन सरपंच को हाईकोर्ट से स्टे मिल गया। इसके बाद पंचायत के उपसरपंच ने भी हाईकोर्ट में अपील कर स्टे पर रोक लगवा दी। अब इस मामले की सुनवाई 22 जुलाई को होना है।
दोनों पहुंचे हाईकोर्ट
मशहूर वेब सीरीज पंचायत में गांव के प्रधान या सरपंच का पद कितना महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठा से भरा होता है, यह बखूबी दिखाया गया है। जिसे हासिल करने के लिए किस किस तरह के दांव-पेंच उम्मीदवार लगाते हैं। वास्तविकता में भी इसका ताजा उदाहरण देखने को मिला है। रतलाम जिले की जामथून ग्राम पंचायत में जहां की सरपंची हासिल करने के लिए दोनों दावेदार हाईकोर्ट तक पहुंच गए हैं। 2022 में हुए पंचायत चुनाव में जामथुन ग्राम पंचायत के सरपंच पद पर कचरू डाबी चुनाव जीतकर काबिज हुए थे। इसके बाद कर्तव्य पालन में अनियमितता की शिकायत पर जिला पंचायत सीईओ ने जांच के बाद धारा 40 के अंतर्गत कचरू डाबी को सरपंच पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया। इसके बाद उप सरपंच रविराज डोडियार पंचायत के सभी कार्यों का निर्वहन कर रहे थे। इसी दौरान रिक्त पदों वाली पंचायतों के उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई। पद से हटाए गए सरपंच कचरू डाबी ने इसके लिए हाईकोर्ट की शरण ली और अपदस्थ किए जाने के आदेश पर स्थगन हासिल किया, लेकिन उप सरपंच रविराज डोडियार ने भी हाईकोर्ट एडवोकेट की डबल बेंच में अपील कर सरपंच द्वारा लिए स्थगन पर रोक का आदेश हासिल किया है।
ऐसा क्या है सरपंची में
वैसे तो ग्राम पंचायत के सरपंच को 4250 प्रति माह का नाममात्र का ही मानदेय मिलता है, लेकिन इस पद का वजन और रसूख ऐसा है कि सरपंची कोई छोडऩा नहीं चाहता है। इस मामले में सरपंच कचरू डाबी और उपसरपंच रविराज डोडियार का कहना है कि न्याय पाने के लिए वह सुप्रीम कोर्ट तक भी जाने को तैयार है। बहरहाल गांव के सरपंच और उपसरपंच के बीच चल रही इस कानूनी रस्साकशी की वजह से कहीं ना कहीं ग्राम पंचायत का विकास प्रभावित हो रहा है। इस मामले में जिला पंचायत के सीईओ श्रृंगार श्रीवास्तव का कहना है कि क्योंकि यह मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए वर्तमान में यहां उपचुनाव स्थगित किए गए हैं।
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