शोहरत का मोह या धोखे का जाल? छांगुर की चालों में उलझकर तबाह हुई एक ज़िंदगी
बलरामपुर : न तो हिंदू धर्म से ऊबे थे और न ही जीवन में कोई कठिनाई थी। नीतू, नवीन या फिर हाजिरा कोई भी हों, जिन लोगों ने धर्मांतरण किया, उनकी सोच ही बदल चुकी थी। सुकून और शोहरत के साथ सोहबत बदली। हिंदू से मुस्लिम बने और छांगुर के दरबार के शागिर्द बन गए।
बात यहीं तक सीमित होती तो कोई बात नहीं, छांगुर का साथ मिला तो सभी धर्मांतरण की मुहिम का हिस्सा बन गए। छांगुर के काले कारनामों को आगे बढ़ाने की कसरत करने लगे। आज हालात यह हैं कि ऐसे लोगों की जिंदगी तबाह हो चुकी है।
एटीएस की पड़ताल में जिन लोगों की करतूत उजागर हो रही है, उनकी राह जेल की ओर ही दिखाई दे रही है। स्थिति यह है कि अब तक छांगुर व उसके बेटे के साथ ही नीतू और नवीन जेल के मेहमान बने हैं। चेन्नई की नीतू ने छांगुर को पीर मानकर सुकून का सपना देखा था।
डिग्री कॉलेज चलाकर शोहरत कमाने का सपना देख रही थी नीतू
मधपुर में अपने नाम से जमीन लेकर बनवाई गई कोठी में डिग्री कॉलेज चलाकर शोहरत कमाने का सपना देख रही थी। मगर उसे क्या पता था कि बुरे काम का अंजाम बुरा ही होता है।
इसी तरह छांगुर के जाल में फंसकर जिन लोगों ने धर्म परिवर्तन किया और आज घर वापसी की है, उन्हें भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। छांगुर ने बड़े पैमाने पर लोगों के साथ धोखा किया, जिससे ऐसे लोगों को समाज में पैठ बनाना भारी पड़ रहा है।
छांगुर के तीन सहयोगी एटीएस के रडार पर
अवैध धर्मांतरण के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर की गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई में तेजी आई है। मुख्यमंत्री कार्यालय मामले की सीधे निगरानी कर रहा है। एटीएस की श्रावस्ती यूनिट के अधिकारी मामले की नियमित पड़ताल करने में जुटे हैं।
शनिवार को उतरौला में जमीन खरीद व मकान निर्माण से जुड़े लोगों का ब्योरा जुटाने के बाद एटीएस की टीम देर रात तक उतरौला में जमी रही। एटीएस ने छांगुर के खास सिपहसालारों के बारे में भी पड़ताल शुरू कर दी है। कस्बे के साथ ही मधपुर व रेहरा माफी गांव के लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है।
पता चला कि आजमगढ़ में छांगुर के इशारे पर धर्मांतरण कराने वाले दो सिपहसालार क्षेत्र में ही मौजूद हैं। छांगुर के लिए अभी भी दोनों लोग सक्रिय हैं और मामले में हो रही कार्रवाई की जानकारी कर रहे हैं।
एक शागिर्द रख रहा पुलिस व एटीएस की कार्रवाई पर नजर
साथ ही मधपुर का ही एक शागिर्द भी गुपचुप तरीके से पुलिस व एटीएस की कार्रवाई पर नजर रख रहा है। वह हर स्थिति की जानकारी छांगुर की टीम को मुहैया करा रहा है। इसकी भनक लगने के बाद एटीएस और सक्रिय हो गई है।
अब छांगुर की टीम पर शिकंजा कसने की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो एटीएस ने ऐसे लोगों की पहचान कर ब्योरा जुटाया है। आरोपी भी इससे खबरदार हो गए हैं कि एटीएस के हाथ कभी भी उनकी गर्दन तक पहुंच सकते हैं।
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