खजुराहो। पर्यटन नगरी खजुराहो के एयरपोर्ट की नव निर्मित बाउंड्री वॉल पहली बारिश भी नहीं झेल पाई, और भरभरा कर गिर गई।  एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा उक्त गिरी हुई दीवार की फोटोग्राफी करने से रोकने हेतु मौके पर अरविंद यादव तथा तुलसीदास हरिजन दो कर्मचारी बैठा दिए हैं। गौरतलब है कि एयरपोर्ट की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट परिसर की पिछले वर्ष नई बाउंड्री बॉल का निर्माण किया गया था, हालांकि अभी और भी निर्माण बाकी है। गौरतलब है कि खजुराहो एयरपोर्ट की चारों तरफ की बाउंड्री पुरानी होने के कारण जर्जर हालत में हो गई थी जिसे विभाग द्वारा ढहा कर नए सिरे से बनवाया जा रहा है, जिसके निर्माण का जिम्मा एस.के.कंस्ट्रक्शन बनारस को टेंडर के माध्यम से दिया गया है।  गत वर्ष उक्त निर्माण एजेंसी के कांट्रेक्टर द्वारा बाउंड्री बॉल के निर्माण में अमानक निर्माण सामग्री का इस्तेमाल करके गंभीर अनियमितताऐं की गई थी। मौके पर देखने में पाया गया कि निर्माण में लगभग 25 वर्ष पुरानी उपयोग में आ चुकी पुरानी ढहाई गई दीवार और मकानों की बेकार हो चुकी टूटी फूटी ईंटों का इस्तेमाल किया गया, साथ ही मिट्टी युक्त अमानक और घटिया रेत का इस्तेमाल किया जा रहा है, दीवार के पिलर में गिट्टी के साथ पुरानी ईंटों के टुकड़ों को मिलाया जा रहा है। मौके पर देखने में पाया गया कि निर्माण सामग्री में सीमेंट का मिश्रण कम मात्रा वाला है, निर्माण सामग्री का मिश्रण फ्लूरी द्वारा दूर से लाया जाता है जिसे 16 घंटे बाद उपयोग में लाया गया था, जो वहीं सेट हो जाता है जिसे कुदारी से तोड़कर फिर पिलर के उपयोग में लिया जाता है, जबकि इंजीनियर बताते हैं कि कोई भी सीमेंट का मिश्रण 12 घंटे बाद गुणवत्ता विहीन हो जाता है,और हां ये सब निर्माण में लगे कारीगर और मजदूरों के हवाले चल रहा है, निर्माण स्थल पर विभाग के साईड इंजीनियर भी जिम्मेदारी से नहीं जाते थे, जब इस घटिया निर्माण के बारे में निर्माण एजेंसी के मैनेजर से तत्समय बात हुई थी तो उन्होंने कहा था कि आपका हो जायेगा, सरकारी काम है ऐसे ही होते हैं, अब आपसे क्या छिपाना। इस संबंध में खजुराहो एयरपोर्ट विभाग में तत्समय पदस्थ इंजीनियर ऋषि चौरसिया को अवगत कराया और वीडियो दिखाए तो उन्होंने उक्त गड़बडिय़ों को माना और तत्समय साइड इंजीनियर देवाशीस मिश्रा को बुलाकर पूछा कि साइड पर ये क्या चल रहा है, हालांकि उन्होंने बताया कि विभाग ने ठेकेदार को निर्माण में उन साबुत ईंटों को इस्तेमाल करने की अनुमति दी है जो मानक पैमाने पर ठीक हों, लेकिन अमानक सामग्री का इस्तेमाल गंभीर है जिसे मैं दिखवाता हूं,लेकिन उक्त कार्य उसी हिसाब से चलता रहा। अगर दीवार इस तरह से आगे और टूटी तो एयरपोर्ट परिसर की सुरक्षा पर खतरे का संकट बनता रहेगा। कई बार देखा गया कि जंगली जानवर टूटी दीवारों से अंदर घुसकर रनवे तक पहुंच जाते हैं जिससे फ्लाइट संचालन के टेक ऑफ और लैंडिंग प्रक्रिया को खतरा बन जाता है।