आइसक्रीम से लेकर डेयरी तक — पूर्वी भारत में खाद्य क्षेत्र फिर से संभलने के संकेत
व्यापार : उद्योग जगत के लीडर्स का मानना है कि पूर्वी भारत में खाद्य उद्योग क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं। यह टिप्पणी शनिवार को इंटरनेशनल कोलकाता फूडटेक 2025 के उद्घटान सत्र में की गई। साथ ही उन्होंने इस क्षेत्र में मौजूदा चुनौतियों का भी जिक्र किया।
बेकरी क्षेत्र के लिए अपार अवसर
लीडर्स के अनुसार बेकरी क्षेत्र में पूर्वी भारत अग्रणी है, लेकिन आइसक्रीम की श्रेणी में यह अभी भी पीछे है। ड्रीम बेक की सीईओ नेमिशा घिया ने टिकाऊ पैकेजिंग को अपनाने का आह्वान किया। साथ ही हितधारकों से अपील किया कि वे इस बात का पता लगाएं कि यह क्षेत्र किस प्रकार उद्योग में अग्रणी स्थान प्राप्त कर सकता है।
विनिर्माण केंद्र बनने की जरूरत
भीखाराम चांदमल के निदेशक आशीष अग्रवाल ने कहा कि भले ही पूर्वी भारत मिठाई और नमकीन का एक प्रमुख उपभोक्ता है, फिर भी यह अभी तक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर नहीं पाया है।
आइसक्रीम बाजार में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना
भारतीय आइसक्रीम निर्माता संघ के उपाध्यक्ष अनुव्रत पबराय ने कहा कि इस क्षेत्र में आइसक्रीम बाजार में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। उन्होंने कहा कि हालांकि वर्तमान में इस क्षेत्र में देश की कुल आइसक्रीम खपत का केवल 15 प्रतिशत हिस्सा है। वहीं पश्चिम में 35 प्रतिशत और उत्तर व दक्षिण में 25-25 प्रतिशत है। लेकिन कम आधार को तेजी से विस्तार के एक बड़े अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
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