लॉकोपायलट का तनावमुक्त रहना यात्रियों की सुरक्षित यात्रा की कुंजी –रनिंग स्टाफ एवं फैमिली सेमीनार का सफल आयोजन
भोपाल। यात्रियों की सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं – हमारे रनिंग स्टाफ यानी ट्रेन चलाने वाले लोको पायलट और सहायक लोको पायलट। यदि ये कर्मचारी मानसिक रूप से स्वस्थ, सजग और तनावमुक्त हों, तो यात्रा न सिर्फ सुगम होती है, बल्कि सुरक्षित भी। इसी उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल मंडल द्वारा आज बीना लोको लॉबी में रनिंग स्टाफ एवं उनके परिजनों के लिए एक विशेष सेफ्टी एवं फैमिली सेमीनार का आयोजन किया गया।

इस आयोजन में लगभग 140 रनिंग कर्मचारी अपने परिवारजनों सहित उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (टीआरओ) श्री सचिन शर्मा ने की, जिनकी प्रेरणादायक उपस्थिति में संवाद, सलाह और सहयोग की सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में सुरक्षा से जुड़ी विषयों पर केंद्रित सेमीनार आयोजित हुआ, जिसमें SPAD एवं माइक्रो स्लीप की रोकथाम, मानसून सुरक्षा सावधानियाँ, शंटिंग व रोलिंग डाउन प्रक्रिया में सावधानी, लोको में आग लगने की स्थिति में कार्यवाही, असिस्टिंग लोको वर्किंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों द्वारा रनिंग स्टाफ को इन मुद्दों पर जरूरी सलाह दी गई ताकि वे गाड़ी संचालन के दौरान सतर्कता बरतते हुए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
दूसरे सत्र में एक संवादात्मक पारिवारिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि श्री सचिन शर्मा एवं विशिष्ट अतिथि सहायक मंडल मेडिकल अधिकारी/बीना डॉ. अनिमेष राठौर ने कर्मचारियों और उनके परिजनों से संवाद किया। डॉ. राठौर ने संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या एवं मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के उपाय साझा किए। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि स्वस्थ शरीर और तनावमुक्त मन ही बेहतर कार्यक्षमता की नींव होते हैं।
परिवारों को कार्यक्रम से जोड़ने हेतु रनिंग स्टाफ की पत्नियों के लिए एक रोचक क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। बच्चों के लिए भी उपहार वितरित किए गए, जिससे पारिवारिक माहौल में उत्साह और आनंद का संचार हुआ।
रेल प्रशासन का यह प्रयास दर्शाता है कि एक तनावमुक्त कर्मचारी ही सुरक्षा के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित कर सकता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से भारतीय रेलवे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा रहा है, बल्कि यात्रियों की यात्रा को और अधिक सुरक्षित और सुखद बनाने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रहा है।
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