‘अंदाज 2’—वक्त और पैसे की बर्बादी,सुनील दर्शन का डायरेक्शन और राइटिंग पर उठा सवाल
अक्षय कुमार की 'अंदाज 2' — साल की सबसे खराब फिल्मों में शुमार, देखें रिव्यू
अक्षय कुमार की हिट फिल्म अंदाज के नाम पर बना इसका सीक्वल अंदाज 2 दर्शकों को निराश कर रहा है। सुनील दर्शन के निर्देशन में बनी इस फिल्म को देखने के बाद सबसे पहला सवाल यही उठता है—ये फिल्म बनाई ही क्यों गई? पुरानी और घिसी-पिटी कहानी, कमजोर डायरेक्शन, औसत एक्टिंग और बेदम म्यूजिक इसे साल की सबसे खराब फिल्मों में शामिल कर देते हैं।
कहानी – एक लड़का म्यूजिशियन बनना चाहता है, पापा उसे गैर-सीरियस मानते हैं, मम्मी सपोर्ट करती हैं। एक लड़की से प्यार होता है, फिर दूसरी लड़की उससे प्यार करने लगती है। दो लड़कियों और एक लड़के की यह लव ट्राएंगल कहानी इतनी बार दोहराई जा चुकी है कि इसकी “एक्सपायरी डेट” भी खत्म हो चुकी है।
कैसी है फिल्म – फिल्म का ट्रीटमेंट बेहद आउटडेटेड है, गाने बेवक्त ठूंसे गए हैं, जिससे दर्शकों का गुस्सा और बढ़ जाता है। हीरो के गिटार का रोल शायद सबसे अच्छा है। डॉली बिंद्रा का किरदार भी अजीब और अनावश्यक लगता है।
एक्टिंग – आयुष कुमार और आकायशा ने ठीक-ठाक काम किया है, लेकिन नताशा फर्नांडिस की एक्टिंग कमजोर है। कोई भी किरदार दर्शकों पर असर छोड़ने में नाकाम रहा।
राइटिंग और डायरेक्शन – सुनील दर्शन और उनकी टीम की स्क्रिप्ट बेहद कमजोर है। डायलॉग पुराने ज़माने जैसे और हास्यास्पद लगते हैं। डायरेक्शन भी उतना ही फीका है।
म्यूजिक – नदीम-समीर का म्यूजिक और गाने फिल्म को बचा नहीं पाए।
निष्कर्ष – अंदाज 2 समय और पैसे दोनों की बर्बादी है।
रेटिंग – ⭐ (1 स्टार)
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