छिंदवाड़ा में गरीब के निवाले पर डाका! 25 लाख से ज्यादा आमदनी वाले भी खा रहे थे मुफ्त राशन
छिन्दवाड़ा: 25 लाख से ज्यादा इनकम वाले परिवार भी मुफ्त में मिलने वाले राशन का फायदा उठा रहे थे. ई-केवायसी (E-KYC) के बाद आधार से लिंक पैनकार्ड ने हितग्राहियों की ये हकीकत सामने आई है. ई-केवायसी के बाद केंद्र सरकार ने अधिक आय वर्ग वाले हितग्राहियों की सूची जारी की है. नोटिस देकर उनसे जवाब मांगा गया है.
5 हजार अमीर लोग ले रहे थे मुफ़्त का राशन
जिला आपूर्ति विभाग के आंकड़े के मुताबिक 5 हजार 112 हितग्राही अमीर मिले हैं जो गरीब बनकर सरकारी राशन ले रहे थे. आपूर्ति विभाग ने इन सभी को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है. भारत सरकार ने मुफ्त राशन पाने वाले गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले हितग्राहियों की E-KYC कराई थी. इन हितग्राहियों के आधार से लिंक बैंक खाते व पैन कार्ड से उनके इनकम की जानकारी मिली है.
कई तो निजी कम्पनी के डायरेक्टर भी मिले
जिला आपूर्ति अधिकारी गंगा कुमरे ने बताया कि छिंदवाड़ा और पांढुर्ना जिले में 6 लाख से ज्यादा इनकम वाले 4 हजार 594 हितग्राही सामने आए हैं. वहीं 25 लाख से ज्यादा इनकम वाले 21 और कई कंपनियों में डायरेक्टर बनाए गए 497 हितग्राहियों की लिस्ट जारी हुई है. आपूर्ति विभाग ने इन हितग्राहियों को नोटिस जारी किया है. राजस्व व अन्य विभागों की मदद से हितग्राहियों का स्टेटस परखा जा रहा है.
कब कंपनी के डायरेक्टर बन गए, उन्हें पता ही नहीं चला, अब राशन खतरे में
विभाग द्वारा नोटिस जारी करने के बाद आ रहे जवाब में पता चला है कि अधिकांश ऐसे हितग्राहियों को पता ही नहीं है कि वे किसी कंपनी के डायरेक्टर हैं. हितग्राही अंजेलाल चंद्रवंशी ने बताया कि समूह लोन के चक्कर में कंपनी ने उन्हें बिना लाभ व बिना वेतन कंपनी का डायरेक्टर बना दिया. उन्हें पता ही नहीं है कि कब उन्हें डायरेक्टर बना दिया गया. अब उन्हें मिलने वाला सरकारी राशन खतरे में पड़ गया है.
सरकारी नौकरी में बेटा, माता-पिता गरीब, अब इनके कार्ड भी निरस्त होंगे
जिले में गरीबी रेखा के कार्ड का उपयोग कर रहे ऐसे भी परिवार सामने आए हैं, जिनमें बेटा सरकारी नौकरी में है लेकिन माता-पिता गरीबी रेखा के कार्ड धारक हैं. ऐसे राशन कार्ड निरस्त किए जा सकते हैं. इसकी सुनवाई एसडीएम कोर्ट में होगी.
इन हितग्राहियों की पात्रता पर सवाल कैटेगिरी
जिला आपूर्ति अधिकारी गंगा कुमरे ने बताया कि छिन्दवाड़ा में 6 लाख से ज्यादा इनकम वाले 3607 और पांढुर्ना जिले में 987 परिवार हैं. वहीं 25 लाख रुपये से ज्यादा इनकम वाले छिन्दवाड़ा में 17 परिवार और पांढुर्ना में 4 परिवार हैं. ई-केवायसी के बाद केंद्र सरकार ने अधिक आय वर्ग वाले हितग्राहियों की तीन कैटेगिरी में सूची जारी की है. इन्हें नोटिस देकर जवाब मांगा गया है. एसडीएम कोर्ट में इन प्रकरणों पर अंतिम फैसला होगा.
यूपी विधानसभा के मानसून सत्र में संभल हिंसा पर बड़ा खुलासा संभव, रिपोर्ट होगी पेश
UP में बड़ा रेल हादसा टला, ट्रैक पर रॉड देखकर लोको पायलट ने लगाए इमरजेंसी ब्रेक
गुजरात में अवैध पटाखा फैक्ट्री बनी मौत का कारण, 10 लोगों की जान गई
शिक्षा मंत्री बोले- छात्रों के हित नहीं, राजनीति कर रहे हैं राहुल गांधी
निशातपुरा रेलवे स्टेशन का इंतजार खत्म, 26 जुलाई से मिलेगी नई सुविधा
CJP प्रदर्शन में तोड़फोड़ और हंगामे के आरोप, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की नौ FIR
बृज भूषण की सफाई के बाद हनुमानगढ़ी विवाद पर नया मोड़, माफी मांगकर दी प्रतिक्रिया
आपात स्थिति में अब नहीं होगी देरी, एमपी में नया कानून विधानसभा से पारित
धरना, मुलाकात और सियासी घमासान: 48 घंटे में कैसे बदला CJP आंदोलन?