लिपस्टिक, काजल, ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव्स, कंडोम, लाइटर, सिगरेट, वेप्स शराब...स्कूल में सरप्राइज बैग चेक में आया सामने
नई दिल्ली। बीते दिनों एक हायर सेकेंडरी स्कूल के एक छात्र की चाकू मारकर की गई हत्या ने शहर के स्कूलों को अपने कैंपस की सुरक्षा पर फिर से विचार करने पर मजबूर किया है। इसका एक तत्काल परिणाम यह हुआ है कि कई संस्थानों में सरप्राइज बैग चेक फिर से शुरु किए हैं, जो चुपचाप लेकिन सख्ती से हो रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, टीचर और मैनेजमेंट बैग के अंदर जो चीजें पा रहे हैं, वे चौंकाने वाली हैं। इस बड़े सीबीएसई स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा, “यह आश्चर्यजनक और चिंताजनक है। यह दिखाता है कि छात्रों का जीवन क्लासवर्क से कितना आगे निकल आया है। अपेक्षित किताबों और टिफिन के अलावा, मोबाइल, टैबलेट, लाइटर, सिगरेट, वेप्स (इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट) और एक दुर्लभ मामले में पानी की बोतल में शराब बरामद हुई है।
इतनी ही नहीं एक अन्य स्कूल प्रिंसिपल ने कहा, “हमें व्हाइटनर, लिपस्टिक, काजल, नेल फाइलर, डियोडरेंट, ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव्स, कंडोम और इतना ही नहीं स्पेयर कपड़े और जूते भी मिले। कई स्कूल मैनेजमेंट टीमों को ब्लेड, पेपर कटर और यहां तक कि चेन भी मिली।
वहीं, सेवेंथ-डे स्कूल की घटना के बाद, एक स्कूल ने कैंची और राउंडर्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध किया है। एक शिक्षक ने साझा किया, “जब तक माता-पिता को स्कूल से इन वस्तुओं को भेजने के लिए लिखित सूचना नहीं मिलती, उन्हें इन्हें नहीं भेजना चाहिए। स्कूल मैनेजमेंट ने प्लेइंग कार्ड्स, रोमांटिक या पोर्नोग्राफिक उपन्यास, महंगे पेन, चमकदार ज्वेलरी, जर्नल और सामान्य 100-200 रुपये की सीमा से अधिक नकदी भी जब्त की।
एक स्कूल प्रिंसिपल ने बताया कि “माता-पिता को जब्त वस्तुओं के बारे में तुरंत सूचित किया जाता है, उन्हें पैरेंट-टीचर मीटिंग्स के दौरान चीजें सौंपी जाती हैं। लेकिन, कुछ माता-पिता गोपनीय रूप से बताते हैं कि उनके बच्चे उनकी बात नहीं मानते। एक शिक्षक ने जोड़ा “कुछ माता-पिता ‘एडल्ट बुक्स’ मिलने पर भी सहज होते हैं और उन्हें बड़े होने का हिस्सा मानते हैं।
कुछ मामलों में, माता-पिता छात्रों को स्कूल के बाद ट्यूशन जाते समय संपर्क में बने रहने के लिए मोबाइल को रखना सही मानते है। ड्रग्स या तेज हथियारों से जुड़े मामलों में, स्कूल मामले को जिला शिक्षा कार्यालय (डीईओ) या पुलिस को सौंप देता है।
बैग में मिली इम्पोर्टेड एनर्जी ड्रिंक
शायद सबसे ध्यान आकर्षित करने वाली चीज 1,500 रुपये का इम्पोर्टेड एनर्जी ड्रिंक है। एक प्रमुख स्कूल के मैनेजमेंट ने स्वीकार किया, “इम्पोर्टेड एनर्जी ड्रिंक अब बार्टर सिस्टम का हिस्सा है। छात्र इस एनर्जी ड्रिंक को पानी की बोतलों में छिपाकर लाते हैं और सिप्स के बदले में एहसान लेते हैं, जैसे होमवर्क करना, प्रोजेक्ट पूरा करना और यहां तक कि क्लास में सीट सुरक्षित करना।
वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. प्रशांत भिमानी ने बताया, “पीयर प्रेशर की बड़ी भूमिका है। अगर एक छात्र कुछ लाता है, तब अन्य अक्सर उसका अनुसरण करते हैं। पॉपुलर कल्चर, खासकर के-पॉप और वेब सीरीज, व्यवहार को प्रभावित करती है, जो किशोरों के लिए स्क्रीन पर देखी गई एडल्ट आदतों को सामान्य बनाती है।
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