पुतिन, पेजेशकियन और किम की मौजूदगी में चीन ट्रंप को दिखाएगा अपनी सैन्य ताकत
बीजिंग। चीन की राजधानी बीजिंग में चल रही राजनीतिक हलचल दुनिया की राजनीति का नक्शा बदल सकती है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रूस, ईरान और उत्तर कोरिया जैसे देशों के नेताओं की मेजबानी की है, जो यह दर्शाता है कि चीन अब केवल आर्थिक नहीं, बल्कि एक सैन्य शक्ति के रूप में भी खुद को स्थापित कर रहा है। 3 सितंबर को बीजिंग में एक बड़ी सैन्य परेड होने वाली है, जिसमें हाइपरसोनिक हथियार, परमाणु-सक्षम मिसाइलें और समुद्री ड्रोन सहित हजारों सैनिकों का प्रदर्शन किया जाएगा। इस सैन्य परेड को चीन का अब तक का सबसे बड़ा शक्ति-प्रदर्शन माना जा रहा है। इस परेड में भाग लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और उत्तर कोरिया के किम जोंग उन बीजिंग पहुँच चुके हैं। अमेरिकी मीडिया ने इस गठजोड़ को बेहद गंभीर माना है, जिसमें अमेरिकी मीडिया ने कहा है कि चीन एक नया वैश्विक व्यवस्था (ग्लोबल ऑर्डर) बनाने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी थिंक टैंक का मानना है कि ट्रंप प्रशासन की नीतियों ने पारंपरिक अमेरिकी सहयोगियों जैसे ऑस्ट्रेलिया, जापान और यूरोपीय देशों को असमंजस में डाल दिया है। ऑस्ट्रेलिया ने चीन के साथ अपने संबंधों में नरमी दिखाई है। बताया गया है कि भारत, हालांकि एक लोकतांत्रिक देश है, लेकिन एससीओ (एससीओ) शिखर सम्मेलन में उसकी भागीदारी से वैश्विक समीकरणों की जटिलता साफ झलकती है। ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन के जोनाथन ज़िन ने कहा है कि शी जिनपिंग का संदेश साफ है कि चीन एक महान शक्ति बन चुका है और अमेरिकी सहयोगियों को यह महसूस हो रहा है कि वे अमेरिका पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर सकते हैं।
सर्जरी की खबर निकली अफवाह, अमिताभ बच्चन बोले- चिंता की कोई बात नहीं
यूपी विधानसभा के मानसून सत्र में संभल हिंसा पर बड़ा खुलासा संभव, रिपोर्ट होगी पेश
UP में बड़ा रेल हादसा टला, ट्रैक पर रॉड देखकर लोको पायलट ने लगाए इमरजेंसी ब्रेक
गुजरात में अवैध पटाखा फैक्ट्री बनी मौत का कारण, 10 लोगों की जान गई
शिक्षा मंत्री बोले- छात्रों के हित नहीं, राजनीति कर रहे हैं राहुल गांधी
निशातपुरा रेलवे स्टेशन का इंतजार खत्म, 26 जुलाई से मिलेगी नई सुविधा
CJP प्रदर्शन में तोड़फोड़ और हंगामे के आरोप, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की नौ FIR
बृज भूषण की सफाई के बाद हनुमानगढ़ी विवाद पर नया मोड़, माफी मांगकर दी प्रतिक्रिया
आपात स्थिति में अब नहीं होगी देरी, एमपी में नया कानून विधानसभा से पारित
धरना, मुलाकात और सियासी घमासान: 48 घंटे में कैसे बदला CJP आंदोलन?