हिल्सा निर्यात पर से हटेगा बैन, बांग्लादेश ने दी भारत को बड़ी राहत
व्यापार: बांग्लादेश ने दुर्गा पूजा से पहले भारत को 1,200 टन हिल्सा मछली के निर्यात की अनुमति देने का फैसला किया है। इस मछली को स्थानीय तौर पर इलिश के रूप में जाना जाता है।बांग्लादेश के वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार देर रात एक अधिसूचना में यह जानकारी दी। जुलाई 2012 से बांग्लादेश ने हिल्सा के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन 2019 से दुर्गा पूजा के दौरान भारत को निर्यात के लिए विशेष अनुमति दे दी है ।
प्रति किलोग्राम हिल्सा का न्यूनतम निर्यात मूल्य 12.50 डॉलर
अधिसूचना में कहा गया है कि इच्छुक निर्यातकों से कार्यालय समय के दौरान 11 सितंबर, 2025 को शाम 5 बजे तक हार्ड कॉपी में आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। आवेदन के साथ निर्यातक कंपनी का अद्यतन व्यापार लाइसेंस, ईआरसी, आयकर प्रमाण पत्र, वैट प्रमाण पत्र, बिक्री अनुबंध, मत्स्य पालन विभाग से लाइसेंस सहित प्रासंगिक दस्तावेज संलग्न होने चाहिए। इसमें कहा गया है कि सरकार ने प्रति किलोग्राम हिल्सा का न्यूनतम निर्यात मूल्य 12.50 डॉलर निर्धारित किया है।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भारत को कुल 2420 टन हिल्सा का निर्यात किया
इससे पहले 27 सितंबर, 2024 को बांग्लादेश से लगभग 45-50 टन वजन वाली पद्मा हिल्सा' की पहली खेप शुक्रवार सुबह पश्चिम बंगाल पहुंची। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भारत को कुल 2,420 टन हिल्सा मछली का निर्यात किया। हावड़ा के थोक मछली बाजार में हिल्सा मछली का थोक भाव फिलहाल 1,400 से 1,600 रुपये प्रति किलोग्राम है। अपने बेहतरीन स्वाद के लिए मशहूर यह मछली पेट्रापोल-बेनापोल सीमा पार करके हावड़ा बाजार पहुंचती है। यहां से इसे कोलकाता और उसके आसपास के विभिन्न खुदरा बाजारों में बेचा जाता है।
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