एमपी के निकाय चुनाव में नई व्यवस्था, अध्यक्ष अब जनता की सीधी पसंद से चुने जाएंगे, वाहन स्क्रैप पर टैक्स में 50% छूट
भोपाल: सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में एमपी कैबिनेट की मीटिंग हुई है। मीटिंग में कई अहम फैसले लिए हैं। कैबिनेट ने मध्य प्रदेश नगर पालिका संशोधन अध्यादेश-2025 को स्वीकृति दी है। इसके साथ ही वाहनों के स्क्रैप के बाद नए वाहनों की खरीद पर टैक्स में 50 फीसदी की छूट देने का निर्णय लिया है।
नए वाहनों की खरीद पर मिलेगी छूट
दरअसल, इसका लाभ बीएस-1 और बीएस-2 के मानदंडों के अनुसार निर्मित वाहनों को स्क्रैप में देने पर यह छूट मिलेगी। प्रदेश सरकार ने 2024-25 में 1563 नए वाहन पंजीकरण पर लगभग 17 करोड़ पांच लाख रुपए की छूट प्रदान की है। अभी एमपी में बीएस-1 और बीएस-2 श्रेणी के लगभग 99 हजार गाड़ियां ऑनरोड हैं। इन्हें राहत देने में सरकार पर 100 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा। दरअसल, भारत सरकार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा में स्क्रैपिंग को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश को 200 करोड़ रुपए की विशेष सहायता मिलेगी।
वहीं, भारत में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सबसे पहले बीएस-1 को अप्रैल 2000 में लाया गया था। साथ ही पॉलिसी में यह है कि जिस व्यक्ति के नाम पर गाड़ी स्क्रैप में जाएगी। उसी व्यक्ति के नाम पर खरीद में छूट मिलेगी। लाभ पाने के लिए स्क्रैप सर्टिफिकेट जमा करना होगा। साथ ही वाहन का रजिस्ट्रेशन मध्य प्रदेश में ही होगा। नियम यह भी है कि जिस श्रेणी का वाहन स्क्रैप किया जाएगा, उसी श्रेणी के वाहन पर छूट मिलेगी।
नगरीय निकायों में अब अध्यक्ष के चुनाव सीधे होंगे
वहीं, अब प्रदेश के सभी नगर पालिका और नगर परिषद में अध्यक्ष के चुनाव सीधे होंगे। इसके लिए एमपी कैबिनेट ने मध्य प्रदेश नगरपालिका संशोधन अध्यादेश 2025 को मंजूरी दी है। एमपी में नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद के चुनाव 1999-2014 तक सीधे होते रहे हैं। 2022 में यह चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से हुआ था। 2027 में अध्यक्ष पद के चुनाव सीधे मतदाता करेंगे।
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