पीएम आवास योजना की सौगात से कोमल को मिली नई पहचान
रायपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) गरीब और जरूरतमंद परिवारों के सपनों को साकार कर रही है। इस योजना ने जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत बलौदा के ग्राम पंचायत पहरिया निवासी कोमल प्रसाद तिवारी को नई जिंदगी और नई पहचान दी है।
पुजारी के रूप में आजीविका चलाने वाले कोमल तिवारी पहले मिट्टी के कच्चे घर में अपने परिवार के साथ रहते थे। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्का घर बनाना उनके लिए एक सपना ही था, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने इस सपने को हकीकत में बदल दिया।
वर्ष 2024-25 में योजना के तहत 1 लाख 20 हजार रुपये की स्वीकृत राशि उन्हें प्राप्त हुई। इसके सहयोग से उन्होंने अपने परिवार के लिए मजबूत और सुरक्षित पक्का घर बनाया। निर्माण कार्य में महात्मा गांधी नरेगा से भी मजदूरी की राशि मिली, जिससे उन्हें अतिरिक्त सहारा मिला।
आज कोमल तिवारी का परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा है। वे भावुक होकर कहते हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना मेरे जीवन का सबसे बड़ा वरदान है। अब हमें न बारिश की चिंता है और न ही किसी असुरक्षा का डर। हमें एक ऐसा घर मिला है, जो हमारी खुशियों का आधार बन गया है।
यह योजना न केवल कोमल तिवारी जैसे जरूरतमंदों के जीवन में खुशियाँ ला रही है, बल्कि जिले के हजारों परिवारों के सपनों को भी साकार कर रही है। जहां कभी ग्रामीण कच्चे मकानों में कठिन परिस्थितियों से जूझते थे, वहीं अब पक्के घर मिलने से उन्हें सुरक्षित, स्वच्छ और गरिमामय जीवन का अवसर प्राप्त हो रहा है।
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