अबूझमाड़ के जंगल से निकालकर बीमार बचपन को जिला प्रशासन ने नई जिंदगी के लिए पहुंचाया रायपुर
रायपुर : अबूझमाड़ के परपा गांव का नन्हा बालक संजय लंबे समय से कुष्ठ रोग एवं अन्य जटिल बीमारियों से जूझ रहा था। लेकिन पहुंच विहीन क्षेत्र में रहने के कारण संजय के माता पिता ने कभी उसे अस्पताल ले जाने के बारे में नहीं सोचा और जंगल में ही उपचार करते रहे। बीमारी से कष्ट और दर्द झेल रहे इस 5 साल के मासूम के बारे में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को इसकी जानकारी दी। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देश पर स्वास्थ्य अमले ने बच्चे को जंगल से सुरक्षित निकालने और उपचार की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी उठाई।
संजय को पहले नारायणपुर जिला अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ प्रारंभिक उपचार के बाद डॉक्टरों की सलाह पर उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर के डीकेएस अस्पताल रेफर किया गया।
रायपुर डीकेएस में मासूम संजय को भर्ती कर उसका मेडिकल टेस्ट किया गया और अब उसका इलाज शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों ने इस संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन की सराहना की है।
नारायणपुर कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगई ने कहा कि अबूझमाड़ के हर बच्चे और ग्रामीण तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाना मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की प्राथमिकता है। संजय के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिला प्रशासन संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से काम कर रहा है।
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