मानसून की राजस्थान से विदाई, मुंबई की सड़कें पानी-पानी; यूपी और तेलंगाना में बाढ़ से हाहाकार
नई दिल्ली। देश में मानसून अब विदाई की ओर है, लेकिन कई राज्यों में अभी भी भारी बारिश और बाढ़ का कहर जारी है। एक तरफ जहां राजस्थान से मानसून की विदाई तीन दिन पहले 14 सितंबर से शुरु हो गई तो वहीं दूसरी तरफ यूपी और तेलंगाना में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। मुंबई में रात से ही बारिश शुरु हो गई, जिस कारण सोमवार सुबह कई सड़कों में पानी भर गया।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) द्वारा दी गई जानकारी अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी पश्चिमी राजस्थान से तय समय से तीन दिन पहले ही 14 सितंबर को शुरू हो गई है। आमतौर पर मानसून 17 सितंबर से लौटना शुरू करता है और 15 अक्टूबर तक देश से पूरी तरह विदा हो जाता है। यहां मौसम विभाग ने मुंबई में अगले तीन घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया था। यहां तेज बारिश के साथ 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान लगाया गया। यहां रविवार रात को भारी बारिश के कारण सोमवार सुबह से ही सेंट्रल रेलवे की मेन और हार्बर लाइन पर लोकल ट्रेनें करीब 10 मिनट की देरी से चल रही हैं। नवी मुंबई में भी कई सड़कों पर पानी भर गया है।
यूपी के उन्नाव में 80 गांव जलमग्न
जानकारी अनुसार उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में गंगा के उफान से 80 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। हालत यह है कि गांवों में सड़कों पर नावें चल रही हैं। बाढ़ के चलते अधिकाशं क्षेत्रों में जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोगों ने सुरक्षित स्थलों का रुख किया है, शासन-प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं।
मणिपुर और तेलंगाना में बाढ़-लैंडस्लाइड
मणिपुर में रविवार को हुई भारी बारिश से कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं, हैदराबाद में मूसलधार बारिश के बाद अफजलसागर इलाके में दो लोगों के बह जाने की आशंका है, जबकि एक और व्यक्ति लापता है। आईएमडी ने तेलंगाना के हैदराबाद, निजामाबाद, महबूबनगर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
उत्तराखंड, हिमाचल और पंजाब में नुकसान
उत्तराखंड और तेलंगाना में भी रविवार को जोरदार बारिश दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश में इस मॉनसून सीजन में बारिश और भूस्खलन से अब तक 404 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, पंजाब में बारिश और बाढ़ से लगभग 14,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
मानसून का पैटर्न
आईएमडी के मुताबिक, इस बार मानसून ने 24 मई को केरल में दस्तक दी थी, जो 2009 के बाद से सबसे जल्दी आगमन था। 8 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लिया गया था, जो सामान्य तिथि से नौ दिन पहले है। अब वापसी भी समय से पहले शुरू हो गई है। इस सीजन में देश में औसतन 836.2 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य बारिश (778.6 मिमी) से सात प्रतिशत अधिक है।
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश