पोलैंड ने नाटो सैनिकों को तैनात करने की मंजूरी दी......बढ़ेगा रुस और यूरोपियन देशों के बीच तनाव
मॉस्को । पोलैंड और रोमानिया के हवाई क्षेत्र में रूसी ड्रोन की घुसपैठ के बाद यूरोप में रूस-यूक्रेन युद्ध के फैलने का खतरा बढ़ गया है। घटनाक्रम के बाद, पोलैंड ने अपनी जमीन पर नाटो सैनिकों को तैनात करने का फैसला किया है। यह कदम रूस के साथ बढ़ते तनाव का संकेत है। पिछले हफ्ते, पोलैंड और रोमानिया दोनों ने अपने हवाई क्षेत्र में रूसी ड्रोन देखे जाने की बात कही। रोमानिया के रक्षा मंत्रालय ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि एक ड्रोन उनकी सीमा में घुस आया था। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इस घुसपैठ को युद्ध का स्पष्ट विस्तार बताया।
ड्रोन घुसपैठ के बाद, पोलैंड ने नाटो के अनुच्छेद 4 को लागू किया। यह अनुच्छेद तब लागू होता है जब कोई सदस्य देश अपनी क्षेत्रीय अखंडता, राजनीतिक स्वतंत्रता, या सुरक्षा को खतरे में देखता है। पोलैंड ने सीमा के पास अपने हेलिकॉप्टर और लड़ाकू विमान तैनात किए हैं। साथ ही, ऑपरेशन ईस्टर्न सेंट्री के तहत पोलिश क्षेत्र में नाटो सैनिकों की तैनाती शुरू कर दी गई है। वहीं रूस ने इन ड्रोन घुसपैठ से साफ इंकार कहा है कि ये ड्रोन यूक्रेन द्वारा छोड़े गए थे।
नाटो का अनुच्छेद 4 क्या है?
नाटो का अनुच्छेद 4 एक महत्वपूर्ण प्रावधान है। इसके तहत जब किसी सदस्य देश को अपनी सुरक्षा पर खतरा महसूस होता है, तो वह अन्य सदस्य देशों के साथ परामर्श कर सकता है। यह अनुच्छेद सामूहिक रक्षा की बात करता है, लेकिन अनुच्छेद 5 से अलग है, जिसमें किसी भी सदस्य पर हमले को सभी सदस्यों पर हमला माना जाता है। पोलैंड का अनुच्छेद 4 को लागू करना दिखाता है कि वह इस घटना को गंभीरता से ले रहा है।
यह पहली बार है जब रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद नाटो ने रूसी गतिविधियों पर इतनी आक्रामक प्रतिक्रिया दी है। यह घटना यूरोप में एक बड़े संघर्ष की आशंका को बढ़ाती है।
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