वैभव सूर्यवंशी का सफर और कमाई, बिहार रणजी टीम के उप-कप्तान बनने के बाद बढ़ी चर्चा
नई दिल्ली: वैभव सूर्यवंशी अब बिहार की रणजी टीम के उप-कप्तान बन गए हैं. 14 साल में रणजी टीम की उप-कप्तानी संभालने वाले वैभव सूर्यवंशी सबसे कम उम्र के खिलाड़ी है. रणजी ट्रॉफी 2025-26 में बिहार की टीम अपने अभियान का आगाज 15 अक्टूबर से करेगी. अब सवाल ये है कि बिहार की रणजी टीम का उप-कप्तान बनाए जाने के बाद वैभव सूर्यवंशी की सैलरी क्या होगी? क्या उन्हें बाकी खिलाड़ियों से ज्यादा सैलरी मिलेगी?
ये होती है खिलाड़ियों की मैच फीस
घरेलू क्रिकेट में खिलाड़ियों की सैलरी उनके मुकाबले के अनुभव के हिसाब से कम या ज्यादा होती है. BCCI के नियमों के मुताबिक जिन खिलाड़ियों के पास 40 या उससे ज्यादा रणजी मैचों का अनुभव होता है, उन्हें एक दिन के 60000 रुपये मैच फीस मिलते हैं. वहीं जिनके पास 21 से 40 मैचों का अनुभव होता है, उन्हें 50000 रुपये हर रोज की मैच फीस मिलती हैं. 0 से 20 मैचों का अनुभव रखने वाले खिलाड़ियों को 40000 रुपये हर रोज के मिलते हैं. वहीं जो खिलाड़ी रिजर्व में होते हैं, उन्हें 30000 रुपये तक मिलते हैं.
वैभव सूर्यवंशी को कितनी मिलेगी मैच फीस?
अब सवाल है कि वैभव सूर्यवंशी की मैच फीस क्या होगी? वैभव सूर्यवंशी ने बिहार के लिए अब तक 5 फर्स्ट क्लास मुकाबले खेले हैं और उस आधार पर उनकी मैच फीस 40 हजार रुपये प्रति दिन के हिसाब से हो सकती है. यानी एक मैच से वो 5 दिन में 2 लाख रुपये कमा सकते हैं. वैभव ने बिहार के लिए खेले 5 मैचों की 10 पारियों में 100 रन बनाए हैं.
वैभव सूर्यवंशी की सैलरी क्या होगी?
वैभव सूर्यवंशी को उप-कप्तान बनने के बाद मिलने वाली मैच फीस तो जान ली. अब सवाल है कि उनकी सैलरी क्या होगी? तो एक रिपोर्ट के मुताबिक आईपीएल में बिकने वाले खिलाड़ियों को रणजी ट्रॉफी में खेलने के कम से कम 20 लाख रुपये मिलते ही है. ऐसे में वैभव सूर्यवंशी की सैलरी के भी यही होने का अनुमान है.
राशिफल 27 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक