MP के सीहोर में दो मासूमों की दर्दनाक मौत, मां की गोद में तोड़ा दम, उल्टी के बाद बिगड़ी तबीयत
सीहोर। सीहोर (Sehore) जिले के ग्राम कचनारिया में सोमवार का दिन कभी न भूलने वाला साबित हुआ। अखिलेश नामक किसान परिवार के घर में एक साथ दो चिराग बुझ गए। 8 वर्षीय बेटा वंश और 2 वर्षीय बेटी अंशिका की मौत से गांव का माहौल गमगीन हो गया। दोनों भाई-बहन की तबीयत सुबह अचानक बिगड़ी, पहले उल्टियां हुईं और फिर दोनों ने जैसे-जैसे दम तोड़ दिया, घर में मातम पसर गया।
परिजन जब बच्चों की हालत बिगड़ती देख घबरा गए तो तुरंत नजदीकी निजी डॉक्टर के पास पहुंचे। डॉक्टर ने प्राथमिक इलाज के बाद दोनों को आष्टा रेफर कर दिया। वहां भी हालत में सुधार नहीं हुआ। चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल भेजा, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था। सीहोर पहुंचने से पहले ही दोनों ने दम तोड़ दिया। मां की गोद में दोनों के निर्जीव शरीर देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
दर्द से टूटे पिता अखिलेश ने रोते हुए कहा कि दोनों बच्चों को बस उल्टी हुई थी। न बुखार, न कोई और लक्षण। उन्होंने बताया कि जब तक जिला अस्पताल पहुंचे, तब तक दोनों ने दम तोड़ दिया। पिता के शब्दों में बेबसी और हैरानी साफ झलकती है। हम सोच भी नहीं सकते थे कि ऐसी छोटी-सी तकलीफ से हमारे दोनों बच्चे चले जाएंगे।
अंशिका और वंश की मौत के बाद घर में मातम छा गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह एक पल में दो बच्चों को खोने का गम सहन नहीं कर पा रही। रिश्तेदार और पड़ोसी परिवार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर आंख में आंसू हैं। किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि चंचल वंश और नन्ही अंशिका अब इस दुनिया में नहीं रहे।
घटना की सूचना अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को दी। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर मर्ग कायम किया है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बच्चों की मौत का असली कारण क्या था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, संभावना है कि बच्चों ने कुछ गलत चीज खा ली हो या उन्हें अचानक फूड प्वाइजनिंग हुई हो। हालांकि, रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
'कॉकरोच आंदोलन' समाप्त, राहुल गांधी ने उठाए सवाल; छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार घिरी
'मेरी बात PM तक पहुंची', शरद पवार ने बताई धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के पीछे की पूरी कहानी
नौकरी का झांसा देकर बनाया बंधक, युवकों की आपबीती ने उड़ा दिए सभी के होश
सरकार के दावे बनाम हकीकत! 12 साल में किन-किन नेताओं ने दिया इस्तीफा?
दमिश्क हाईवे बना हादसे का शिकार, भीषण बस दुर्घटना में 35 की मौत
रालोद को बड़ा झटका, 10 पदाधिकारियों ने एक साथ छोड़ी पार्टी की जिम्मेदारी
सेबाश्रय शिविर घोटाले पर सियासत तेज, CM शुभेंदु ने 'धोखेबाज भतीजे' को ललकारा