खंडवा में PM मोदी के भाषण के लिए मंडी में रोकी नीलामी, किसानों ने कहा- पहले प्रधानमंत्री को सुनेंगे
खंडवा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बुधवार को किसान सम्मान निधि (Kisan Samman Nidhi) की 21वीं किश्त सिंगल क्लिक से देश के किसानों को जारी की हैं। इस दौरान खंडवा अनाज मंडी में किसानों और मंडी समिति ने कुछ समय के लिए नीलामी रोक कर पीएम मोदी का उद्बोधन सुना। जैविक खेती पर प्रधानमंत्री के भाषण को किसानों ने सुना भी और उसे नोट भी किया। वहीं मंडी में अपनी उपज लेकर आए कई किसानों ने ट्रैक्टर ट्राली पर खड़े होकर तो किसी ने कुर्सी पर बैठकर भाषण सुना।
मीडिया से बातचीत में किसानों ने प्रधानमंत्री की जमकर तारीफ की। ऐसे दुःख के समय जब सोयाबीन और प्याज की फसल को लेकर किसान परेशान है, उस समय यह राशि आना कही न कही किसानों को राहत की बात है। किसानों ने कहा कि किसान सम्मान निधि के दो हजार रुपए से उनकी छोटी जरूरत पूरी होती है, जैसे खाद, बीज, बाजार का सम्मान समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाओं में ये पैसा काफी काम आता है।
खंडवा मंडी सचिव ने कहा कि आज प्रधामनंत्री ने किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त किसान भाइयों के खाते में डाली है। जिसका सीधा प्रसारण मंडी परिसर में किया गया था। जहां किसान भाइयों ने पीएम मोदी का भीषण सुना, उन्हें काफी अच्छा लगा। नीलामी चल रही थी लेकिन जैसे ही प्रधानमंत्री का भाषण शुरू हुआ, किसानों ने कहा कि हम नीलामी रोकते है, पीएम को पहले सुनेगे। प्रधानमंत्री के भाषण के बाद फिर से नीलामी का कार्य शुरू हुआ।
प्रधानमंत्री पर कार्टून दिखाने पर श्रीलेखा मित्रा पर FIR, जानिए कौन हैं और क्या दी सफाई
स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर MBBS इंटर्न डॉक्टरों का संघर्ष जारी, भोपाल में अनिश्चितकालीन आंदोलन
शेयर बाजार ने ली राहत की सांस, शॉर्ट टर्म निवेशकों के लिए 2 दमदार दांव
भरत तिवारी केस: परिवार का आरोप—'न्याय दिलाने का दावा कर प्रचार का दबाव बनाया'
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में Hero EV की नई छलांग, नेपाल में उतारीं 3 बाइक्स
सरकार का बड़ा एक्शन: पेपर लीक पर सख्त कानून लाने की तैयारी, लोकसभा में पेश होगा बिल
तेज बहाव बना काल, सारंगढ़ में नाला पार करते कार बही; दंपती की तलाश जारी
आतंक फैलाने की कोशिश नाकाम, तीर-धनुष लहराने वाले युवक को पुलिस ने दबोचा
'धूम 4' से लेकर 'लव एंड वॉर' तक, रणबीर कपूर ने पहली बार खुलकर रखी अपनी बात
27 जुलाई का इंतजार खत्म, लेकिन ई-बसों के लिए करना होगा थोड़ा और इंतजार