डिजिटल एडिक्शन समेत बच्चों की बीमारियों पर मंथन, भोपाल में जुटेंगे 1 हजार शिशु रोग विशेषज्ञ
भोपाल: देश में बच्चों की मृत्यु दर, गंभीर बीमारियों, नवीनतम इलाज प्रणाली, ऑनलाइन ट्रोलिंग और डिजिटल एडिक्शन समेत शिशुओं से जुड़ी कई समस्याओं को लेकर भोपाल में 2 दिन तक देशभर के 1 हजार चाइल्ड स्पेशलिस्ट मंथन करेंगे. शिशु रोग से संबंधित राष्ट्रीय स्तर की 2 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 13 और 14 दिसंबर को भोपाल में किया जाएगा. इसमें मध्य प्रदेश, मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु और लखनऊ समेत अन्य राज्यों के 1 हजार से अधिक शिशु रोग विशेषज्ञ शामिल होंगे.
10 साल बाद भोपाल में पेडिकॉन 2025
इंडियन एकेडमी आफ पेडिकॉन कॉन्फ्रेंस हर साल अलग-अलग राज्यों में आयोजित की जाती है. 10 साल बाद यह दूसरा मौका है, जब इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन भोपाल में किया जा रहा है. पूर्व सीएमएचओ और कॉन्फ्रेंस के ऑर्गनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ पंकज शुक्ला ने बताया कि "इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य प्रदेश सहित पूरे देश में बाल रोग उपचार की गुणवत्ता बढ़ाना और नवजात से 5 वर्ष तक के बच्चों की बीमारी और मृत्यु-दर कम करने में वैज्ञानिक योगदान देना है. भोपाल में होने वाला यह सम्मेलन मध्य प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक शैक्षणिक उपलब्धि साबित होगा."
'कार्यशाला से पहले 7 प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप'
शिशु रोग विशेषज्ञ और आर्गनाइजिंग कमेटी के सेक्रेटरी डॉ. राजेश टिक्कस ने बताया कि "भोपाल में होने वाले पेडिकॉन 2025 की प्रमुख विशेषता 7 प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप हैं. ये 12 दिसंबर को भोपाल के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में आयोजित हुईं. इन कार्यशालाओं का उद्देश्य पीडियाट्रिक एवं नवजात देखभाल में नवीनतम प्रथाओं, कौशल और क्लिनिकल निर्णय-निर्माण पर व्यावहारिक, हैंड-ऑन प्रशिक्षण देना है.
इसके बाद 13 और 14 दिसंबर को पीडियाट्रिक चिकित्सा के नवीनतम विकास, सामुदायिक एवं निवारक बाल स्वास्थ्य, ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग का बाल स्वास्थ्य पर प्रभाव, पीडियाट्रिक गहन चिकित्सा और न्यूरो-डेवलपमेंटल साइंसेज समेत अन्य विषयों पर व्याख्यान और इंटरेक्टिव डिस्कशन का आयोजन होगा."
'कॉन्फ्रेंस में यूनीसेफ और एनएचएम भी शामिल'
डॉ पंकज शुक्ला ने बताया कि "पेडिकॉन 2025 का आयोजन यूनीसेफ और नेशनल हेल्थ मिशन के सहयोग से किया जा रहा है. इसमें मुंबई से डॉ. वसंत खलाटक, गुरुग्राम से डॉ नीलम मोहन, चेन्नई से डॉ. एम सिंगरवेल्लु, दिल्ली से डॉ. स्मिता मिश्रा और डॉ. अनु महेश्वरी, लखनऊ से डॉ. अनुराग बाजपेई, बेंगलुरु से डॉ. सागर भट्ट समेत राष्ट्रीय स्तर के अन्य शिशु रोग विशेषज्ञ शामिल होंगे. इस सम्मेलन का उद्देश्य उत्कृष्ट शैक्षणिक विनिमय को प्रोत्साहित करना और प्रदेश और राष्ट्र में नवजात एवं 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों में मृत्यु-दर और बीमारी-दर को कम करने की दिशा में सार्थक योगदान देना है. "
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