छतरपुर। ओबीसी महासभा द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से जुड़ी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम शुक्रवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया।  
ज्ञापन देने पहुंचे ओबीसी महासभा के जिला अध्यक्ष तीरथ कुशवाहा ने बताया कि हाल ही में आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा दिए गए बयान को लेकर जो विवाद उत्पन्न हुआ है, उसके संबंध में ओबीसी महासभा यह स्पष्ट करती है कि उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई न की जाए। उन्होंने कहा कि संतोष वर्मा ने अपने संपूर्ण प्रशासनिक कार्यकाल में सामाजिक न्याय, समान अवसर और पिछड़े वर्गों के हितों के लिए कार्य किया है, लेकिन उनके वक्तव्य को संदर्भ से हटकर प्रस्तुत किया गया है, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है। ओबीसी महासभा ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि संतोष वर्मा के समग्र सेवा रिकॉर्ड, सामाजिक योगदान और सकारात्मक कार्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें निष्पक्ष सुनवाई एवं प्राकृतिक न्याय का पूर्ण अवसर दिया जाए। महासभा ने यह भी कहा कि किसी भी अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई तथ्यों और निष्पक्ष जांच के आधार पर होनी चाहिए, न कि किसी दबाव या आंशिक व्याख्या के आधार पर।
ज्ञापन में अन्य पिछड़ा वर्ग को सामाजिक सुरक्षा, न्याय एवं संवैधानिक संरक्षण प्रदान करने के लिए पिछड़ा वर्ग अत्याचार निरोधक अधिनियम  के गठन की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई। महासभा का कहना है कि संविधान लागू हुए 75 वर्ष बीत जाने के बावजूद ओबीसी वर्ग को आज भी समान अधिकार, सम्मानजनक जीवन और सामाजिक सुरक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ओबीसी महासभा ने शासन से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है।