एप्स्टीन पीड़िता ने एंड्रयू माउंटबेटन को अमेरिका में कटघरे में लाने की मांग की
लंदन/वॉशिंगटन । कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एप्स्टीन से जुड़े मामलों ने एक बार फिर ब्रिटेन के शाही परिवार और अंतरराष्ट्रीय सत्ता गलियारों में हलचल मचा दी है। एप्स्टीन की एक पीड़िता मरीना लासेर्दा ने पूर्व शाही सदस्य एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर (पूर्व में प्रिंस एंड्रयू) को अमेरिका में पूछताछ के लिए बुलाने और “न्याय के कटघरे में लाने” की खुली मांग की है। यह मांग ऐसे समय आई है, जब अमेरिका के न्याय विभाग की ओर से जारी किए गए नए एप्स्टीन दस्तावेजों ने पुराने आरोपों को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।
मरीना लासेर्दा, जो मूल रूप से ब्राज़ील की रहने वाली हैं और अब अमेरिका में रहती हैं, ने कहा कि एप्स्टीन नेटवर्क से जुड़े कई प्रभावशाली लोग अब तक कानून से बचे हुए हैं। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक व्यक्ति की बात नहीं है। कई ताकतवर लोग हैं जिन्हें आज तक जवाबदेह नहीं ठहराया गया। माउंटबेटन-विंडसर को भी न्याय के सामने लाया जाना चाहिए।” इस मामले में दिवंगत वर्जीनिया जिउफ्रे के वकील ब्रैड एडवर्ड्स ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने पहले माउंटबेटन-विंडसर या एप्स्टीन और घिसलेन मैक्सवेल के इनकारों पर भरोसा किया, उन्हें “शर्मिंदा होना चाहिए।” एडवर्ड्स ने जिउफ्रे को “असाधारण रूप से साहसी” बताते हुए कहा कि वर्षों तक उनकी बातों को नज़रअंदाज़ किया गया।
वर्जीनिया जिउफ्रे ने आरोप लगाया था कि वह 2001 में, जब वह मात्र 17 वर्ष की थीं, तब एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर से मिली थीं और उनके साथ यौन शोषण हुआ। एंड्रयू ने इन आरोपों से हमेशा इनकार किया, हालांकि 2022 में उन्होंने जिउफ्रे के साथ अदालत के बाहर समझौता कर लिया था। अप्रैल 2025 में जिउफ्रे की आत्महत्या के बाद यह मामला और भी संवेदनशील हो गया। हाल ही में जारी दस्तावेजों में ऐसे ई-मेल सामने आए हैं, जिनमें कथित तौर पर एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर ने एप्स्टीन की सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल से “अनुचित दोस्तों” की व्यवस्था करने को कहा था। इन ई-मेल्स में “मैत्रीपूर्ण, गोपनीय और मज़ेदार” लड़कियों का ज़िक्र भी किया गया है।
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