माघ मेला: संगम तट पर श्रद्धा का सैलाब, पहले दिन सुबह 8 बजे तक ही 6.5 लाख ने लगाई डुबकी
प्रयागराज। यहां हुए महाकुंभ के भव्य आयोजन के पश्चात पहले माघ मेले का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। आस्था और श्रद्धा के इस पावन पर्व पर देश के विभिन्न कोनों से श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के लिए उमड़ पड़े हैं। मेले के पहले ही दिन जनसैलाब का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुबह आठ बजे तक ही लगभग 6.5 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा में पवित्र स्नान कर लिया था। विभिन्न अखाड़ों के संत-महात्मा और प्रमुख आध्यात्मिक गुरु अपने अनुयायियों के साथ संगम तट पर पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर कल्याणी नंद गिरी ने भी अपने शिष्यों के साथ स्नान किया। संगम की रेती पर लाखों कल्पवासी और संन्यासी पहले ही डेरा डाल चुके हैं, जहाँ वे एक माह तक कठिन जप-तप और साधना में लीन रहेंगे। प्रशासनिक अनुमानों के अनुसार, मेले के शुरुआती चरण में ही करीब 15 लाख लोग क्षेत्र में पहुँच चुके हैं।
इस वर्ष माघ मेले को महाकुंभ की तर्ज पर ही आधुनिक और सुविधाजनक बनाया गया है। पहली बार इस मेले का अपना एक विशिष्ट लोगो जारी किया गया है, जो इसकी अलग पहचान को दर्शाता है। श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए प्रशासन ने निजी कंपनियों के सहयोग से बाइक सेवा की शुरुआत की है, जिससे लोग संगम के निकटतम बिंदु तक आसानी से पहुँच सकेंगे। तकनीक का लाभ उठाते हुए बिजली के खंभों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। यदि किसी श्रद्धालु को कोई समस्या होती है, तो वे इसे स्कैन कर तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिस पर त्वरित कार्रवाई का दावा किया गया है। साथ ही, मेले में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए मोबाइल कंपनियों के साथ समन्वय किया गया है ताकि डिजिटल मेले की संकल्पना साकार हो सके।
पर्यटन और रोमांच को बढ़ावा देने के लिए इस बार हेलीकॉप्टर सेवा और पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियाँ भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसके अलावा, सांस्कृतिक संध्याओं के लिए विख्यात कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। सुरक्षा के मोर्चे पर प्रशासन ने अभेद्य व्यवस्था की है। पूरे मेला क्षेत्र में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा के लिए 10 चक्रों का एक विशेष घेरा तैयार किया गया है, जो समय और भीड़ के दबाव के अनुसार लागू किया जाएगा। महावीर और अक्षयवट कॉरिडोर जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। जल पुलिस, वॉच टावर और नियंत्रण कक्षों के माध्यम से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। यातायात प्रबंधन के लिए प्रयागराज कमिश्नरेट ने विशेष टीमें तैनात की हैं ताकि शहर और मेला क्षेत्र में जाम की स्थिति पैदा न हो। संतों के शिविरों में कथा, भजन और प्रवचनों का सिलसिला भी शुरू हो चुका है, जिससे पूरी रेती आध्यात्मिक ऊर्ज से सराबोर नजर आ रही है।
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