पीडि़त दंपत्ति ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार

छतरपुर। एक अनपढ़ और सीधे-साधे बुजुर्ग दंपत्ति के साथ विश्वासघात और जालसाजी का एक बड़ा मामला सामने आया है। पीडि़त दंपत्ति का आरोप है कि उनके एक परिचित ने बैंक अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर, उनकी जानकारी के बिना उनके घर को बैंक में गिरवी रख दिया और लाखों रुपये का लोन डकार लिया। मामला तब उजागर हुआ जब बैंक की टीम रिकवरी के लिए उनके दरवाजे पर पहुंची और मकान की नीलामी का नोटिस चस्पा कर दिया।
छतरपुर के वार्ड नंबर 17 निवासी सुंदर कुशवाहा और उनकी पत्नी मानाबाई ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती आवेदन देते हुए बताया कि उनके परिचित सद्दाम हुसैन ने बैंक लोन के लिए गारंटी देने का दबाव बनाया था। जब दंपत्ति ने मना कर दिया, तो सद्दाम ने एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के मैनेजर जितेंद्र राजपूत और दुर्गेश सेन के साथ मिलकर एक गहरी साजिश रची। अनपढ़ होने का फायदा उठाते हुए इन लोगों ने धोखाधड़ी से दंपत्ति के अंगूठे और दस्तखत ले लिए और उनकी संपत्ति को 24 लाख 99 हजार रुपये के लोन में बतौर गारंटी लगा दिया। इस राशि से सद्दाम ने अपना फर्नीचर का व्यवसाय शुरू किया, लेकिन बैंक की किश्तें जमा नहीं कीं। पीडि़त सुंदर कुशवाहा का कहना है कि उन्होंने पूर्व में भी 10 नवंबर और 31 दिसंबर 2025 को आवेदन दिए थे, लेकिन रसूखदारों के दबाव के कारण अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। अब बैंक उनका मकान हड़पने की तैयारी में है, जिससे पूरा परिवार सड़क पर आने की कगार पर है। पीडि़त ने एसपी से मांग की है कि सद्दाम हुसैन, उसकी पत्नी रुखसार खातून और संबंधित बैंक अधिकारियों के विरुद्ध कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उनका घर बचाया जाए।