नियाज खान बोले, BJP मुस्लिम मंत्रियों को मौका देने पर करे विचार
भोपाल। बांग्लादेश में नई सरकार का गठन हो चुका है. बीते मंगलवार यानी कि 17 फरवरी को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चीफ तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. प्रधानमंत्री के साथ जीते हुए सभी सांसदों ने भी शपथ ग्रहण कर अपना पदभार संभाला. इस दौरान चारिक रहमान के मंत्री मंडल का विस्तार किया गया जिसकी चर्चा भारत में भी हो रही है. दरअसल चर्चा का विषय ये है कि तारिक रहमान के कैबिनेट में 4 अल्पसंख्यकों को जगह दी गई है. जिसमें दो हिंदू सांसदों गोयेश्वर रॉय और निताई रॉय को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है. इसके बाद ये मुद्दा सोशल मीडिया पर उछल गया और विपक्ष ने मोदी सरकार को आढ़े हाथो लेना शुरू कर दिया. साथ ही मध्य प्रदेश के पूर्व आईएएस नियाज खान ने मोदी सरकार से मुस्लिम मंत्रियों की मांग कर दी हैं।
नियाज़ खान ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा
इनता ही नहीं मध्य प्रदेश के पूर्व आईएएस अधिकारी नियाज़ खान ने भी अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट में लिखा है ‘बांग्लादेश में दो हिंदू मंत्री बने. बड़ी ख़ुशी हुई. बांग्लादेश में एक करोड़ हिंदू हैं और दो मंत्री,भारत में 20 करोड़ मुस्लिम हैं पर केंद्र सरकार में एक भी मुस्लिम मंत्री नहीं. बड़ा आश्चर्य हुआ. बीजेपी और RSS से विनम्र निवेदन है कि कृपया 2-3 मुस्लिम मंत्री बनाने पर गंभीर चिंतन करें।
कांग्रेस नेता और सांसद तारिक अनवर ने भाजपा पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता और सांसद तारिक अनवर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर मोदी सरकार से सवाल पूछते हुए लिखा “जब बांग्लादेश अपनी कैबिनेट में दो अल्पसंख्यकों को स्थान दे सकता है, तो भारत में मुस्लिम मंत्रियों की संख्या शून्य क्यों? क्या यही समावेशी शासन है, प्रधानमंत्री जी?” भारत की मौजूदा मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में एक भी मुस्लिम समुदाय के सांसद नहीं हैं. इसे लेकर भाजपा पर विपक्ष हमेशा हमलवार रहता है. विपक्ष हमेशा सरकार पर आरोप लगता रहता है कि भाजपा सरकार अल्पसंख्यकों को साथ लेकर नहीं चल रही है।
2024 में हो गया था तख्तापलट
गौरतलब है कि बांग्लादेश में उग्र प्रदर्शन के बाद 2024 तख्तापलट हो गया था और पीएम शेख हसीना को देश छोड़कर भागना पड़ा था. इस तख्तापलट के मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार का जिम्मा संभाला और अब जाके 12 फरवरी 2026 को यहां आम चुनाव हुए थे. इस चुनाव में जमात-ए-इस्लामी और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली. लेकिन अंत में तारिक रहमान की अगुआई में पार्टी ने 212 सीटों पर जीत हासिल की. इसके बाद बीते 17 फरवरी को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के तौर पर तारिक रहमान ने शपथ ली।
तेजस्वी यादव बोले- भाजपा और RSS संविधान बदलना चाहती हैं
वंदे मातरम् विवाद: मोहन यादव ने मांगा इस्तीफा, बढ़ा राजनीतिक तनाव
छात्र की भावुक अपील ने परीक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
पंचकोशी यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, 5 दिनों तक चलेगा सफर
सामाजिक समरसता का संदेश, आदर्श विवाह में हुई खास पहल
अमेरिका-ईरान बातचीत में नया मोड़, उपराष्ट्रपति का बयान
सुरक्षा बलों की बड़ी जीत, खूंखार नक्सली ने किया सरेंडर