राजनीति में नया मोड़: युवा विधायकों का समर्थन निशांत के लिए
पटना। बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत मिलते दिख रहे हैं। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के युवा विधायकों ने अब स्पष्ट रूप से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को राज्य की कमान सौंपने की मांग बुलंद कर दी है। हाल ही में विधायक रूहेल रंजन के आवास पर पार्टी के 14 युवा विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें खुद को टीम निशांत बताते हुए इन नेताओं ने घोषणा की कि वे भविष्य में निशांत कुमार के नेतृत्व में ही काम करना चाहते हैं।
बैठक में शामिल विधायकों ने दावा किया कि वर्ष 2030 का विधानसभा चुनाव निशांत कुमार के नेतृत्व में ही लड़ा जाना चाहिए। विधायकों का तर्क है कि 2025 के चुनाव में जनता ने नीतीश कुमार के चेहरे पर भरोसा जताते हुए एनडीए को भारी बहुमत दिया है, लेकिन अब समय आ गया है कि विकास की इस विरासत को निशांत कुमार आगे बढ़ाएं। विधायक रूहेल रंजन ने खुलकर कहा कि निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए, जबकि शुभानंद मुकेश ने उन्हें नीतीश कुमार का वर्जन टू करार दिया। वहीं, समृद्ध वर्मा और चेतन आनंद जैसे युवा नेताओं का मानना है कि निशांत ही बिहार की वर्तमान जरूरतों और उम्मीदों पर खरे उतर सकते हैं। विधायक नचिकेता और विशाल ने खुलासा किया कि उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष अपनी यह मांग मजबूती से रखी है। उन्होंने निशांत कुमार से भी सीधा संवाद कर उन्हें बताया है कि अब राजनीति में आने या न आने का विकल्प उनके पास नहीं बचा है, बल्कि यह बिहार की जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारी बन चुकी है। विधायकों के अनुसार, बिहार की युवा पीढ़ी निशांत में अपना भविष्य देख रही है। इन चर्चाओं के बीच, निशांत कुमार ने खुद भी सक्रिय राजनीति की ओर कदम बढ़ाने के संकेत दिए हैं। सोमवार को पटना के कंकड़बाग स्थित एक पार्क में अपनी माता स्वर्गीय मंजू सिन्हा को श्रद्धांजलि देने पहुंचे निशांत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे जल्द ही पूरे बिहार के दौरे पर निकलेंगे। उन्होंने बताया कि वे राज्य के सभी 38 जिलों का भ्रमण कर आम लोगों से सीधा संवाद करना चाहते हैं ताकि जमीनी हकीकत और जनता की समस्याओं को करीब से समझ सकें। निशांत कुमार ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें अपनी मां की बहुत याद आती है और आज के हालातों को देखकर वे बेहद प्रसन्न होतीं। हालांकि, जब पत्रकारों ने उनसे युवा विधायकों द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग पर सवाल पूछा, तो वे कुछ भी बोलने के बजाय केवल मुस्कुराकर रह गए। राजनीतिक गलियारों में निशांत कुमार के चंपारण से अपनी यात्रा शुरू करने की संभावना जताई जा रही है, जिसे जेडीयू के भविष्य के संगठनात्मक विस्तार और नेतृत्व परिवर्तन के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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