सयाजी मुक्तिधाम विवाद: अंतिम संस्कार के बाद राख और अस्थियां कैसे हुईं अदृश्य?
इंदौर : शहर के सयाजी मुक्तिधाम से एक मृतक की राख और अस्थियां गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. 19 मार्च को मृत्यु के बाद बुजुर्ग का सयाजी मुक्तिधाम में परिजनों ने अंतिम संस्कार किया था. इसके बाद रीति-रिवाज के अनुसार जब वे रविवार को राख लेने पहुंचे तो उनके होश उड़ गए, चिता स्थल साफ था. इस मामले में मृतक के परिजनों ने श्मशान घाट की देखरेख करने वाले निगम कर्मचारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
अस्थियां लेने गए तो उड़े होश
मृतक सुधीर कोत के बेटे आनंद कोत के मुताबिक, '' पिता 87 वर्ष के थे और उनकी मृत्यु 19 मार्च को हो गई थी, वे काफी वृद्ध थे. इसके बाद उनका अंतिम संस्कारसयाजी मुक्तिधाम पर विधि विधान से किया गया था. शनिवार होने के चलते पिता की राख को इकट्ठा करने नहीं आए क्योंकि शनिवार को ऐसा नहीं किया जाता है. तो रविवार सुबह का समय चुना था, जिसके चलते 22 मार्च को हम अन्य परिजनों के साथ जब सयाजी मुक्तिधाम पर पहुंचे. यहां आकर देखा तो चिता स्थल पूरी तरह साफ था और अस्थियां और राख गायब थीं. शायद कोई और उनकी अस्थियां ले गया है. ये देख काफी पीड़ा हो रही है.''
मुक्तिधाम कर्मचारियों पर लापरवाही के आरोप
परिजनों ने इसके बाद जब मुक्तिधाम के ही प्रबंधक से अस्थियों के बारे में पूछताछ की तो कोई उचित जवाब नहीं दे पाए. बताया जा रहा है कि मृतक के बेटे आनंद को मुक्तिधाम में अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए 11 नंबर टोकन दिया था और उसी के आधार पर उन्होंने अपने पिता का रीति रिवाज के मुताबिक अंतिम संस्कार भी किया था. जब वे टोकन के अनुसार वहां अस्थियां लेने पहुंचे तो अस्थियां वहां नहीं थीं. आरोप हैं कि मुक्तिधाम कर्मचारियों की लापरवाही से मृतक की अस्थियों को कोई और ले गया है, क्योंकि दूसरी ओर एक दूसरी चिता की राख और अस्थियां मौजूद हैं. इस मामले में इंदौर नगर निगम के रजिस्ट्रार विवेक गंगराड़े ने कहा, '' ये गंभीर मामला है और हम इसमें जांच कर रहे हैं जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे.''
चार घंटे बाद भी नहीं मिलीं अस्थियां
चार घंटे इंतजार करने के बाद भी मृतक के परिजनों को उनकी राख नहीं मिली. खबर लिखे जाने तक मृतक के परिजन दूसरे व्यक्ति का अंतिम संस्कार करने वाले परिजनों से संपर्क करने की कोशिश करते रहे कि शायद वे गलत अस्थियां ले गए हैं. वहीं निगम के अधिकारी इस गम्भीर लापरवाही पर जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं. इंदौर में इस तरह के घटनाक्रम पहले भी सामने आ चुके हैं अब देखना होगा कि नगर निगम इस मामले में क्या एक्शन लेता है.
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