महिला बैरक का इस्तेमाल कर भागा आरोपी
केंद्रीय जेल जगदलपुर| में बीती रात जेल से भागने वाले कैदी का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है, वहीं कैदी की लगातार तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि कैदी ने भागने के लिए महिला बैरक को ही चुना, क्योंकि दीवार छोटी होने के कारण उसका फायदा अच्छा मिल सका, वहीं कैदी के खिलाफ तीन अन्य जिलों में भी मामला दर्ज है।बता दें कि दंतेवाड़ा जिले के चितालंका कलारपारा निवासी महेंद्र दीवान 32 वर्ष पहले सीएएफ का जवान था, किसी चोरी के मामले में नाम आने के बाद जवान को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया। महेंद्र दीवान को 4 जनवरी 2025 को दंतेवाड़ा कोर्ट से जगदलपुर की सेंट्रल जेल भेजा गया, जहां कुछ दिनों के बाद उसे उपचार के लिए मेकाज लाया गया था, जहां महेंद्र ने जवानों को चकमा देकर भाग निकला था, मामले की जानकारी लगते ही परपा थाने में मामला दर्ज किया गया, जहां कुछ घंटों में ही कैदी को पकड़ा गया। इसी तरह महेंद्र के खिलाफ परपा व दंतेवाड़ा में भी मामला दर्ज किया था, कैदी के खिलाफ मामले दर्ज होने के कारण उसे जगदलपुर शिफ्ट किया गया था।वहीं सूत्रों से जानकारी मिली कि महेंद्र कई दिनों से भागने की फिराक में था, इसलिए वह मौके की तलाश में था। प्लान तैयार करने के बाद बुधवार की रात करीब 7 बजे के लगभग कैदी पहले पुरुष बैरक को पार करते हुए महिला बैरक में पहुंचा। जहां से दीवार को कूदकर फरार हो गया, जैसे ही महेंद्र को भागते हुए अन्य कैदियों ने देखा, तत्काल जेल के सभी पहरियों को सूचना दी गई। इस घटना को 12 घंटे से अधिक का समय गुजरने के बाद भी अब तक कैदी का सुराग नहीं लग पाया है, वहीं कोतवाली पुलिस के अलावा पुलिस की अलग-अलग टीम कैदी की तलाश कर रही हैं।
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