अक्षय तृतीया पर किस फूल से करें पूजा, ताकि सालभर बरसे माता लक्ष्मी की कृपा, कुबेर भी रहें प्रसन्न
अक्षय तृतीया के दिन पूजा, पाठ, स्नान, दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. वैशाख शुक्ल तृतीया को अक्षय तृतीया मनाते हैं. इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान विष्णु और कुबेर की पूजा करते हैं. धन और वैभव की देवी माता लक्ष्मी और धनपति कुबेर की पूजा करने का उद्देश्य अक्षय धन और संपत्ति की प्राप्ति है. इस दिन आप जो धन, संपत्ति, पुण्य आदि अर्जित करते हैं, उसका क्षय यानि नष्ट नहीं होता है. अक्षय तृतीया पर माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा किस फूल से करें कि वो प्रसन्न हों और पूरे साल उनकी कृपा हम पर रहे.
अक्षय तृतीया पर किस फूल से करें पूजा?
चमेली का फूल: अक्षय तृतीया के दिन आप माता लक्ष्मी की पूजा चमेली के फूल से करें. माता लक्ष्मी को चमेली का फूल प्रिय है. सफेद चमेली के फूल को शांति, प्रेम और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. यह फूल अर्पित करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं.
कमल का फूल: माता लक्ष्मी को कमल का फूल भी प्रिय होता है. वे कमल के फूल पर विराजमान होती हैं. अक्षय तृतीया पर आप माता लक्ष्मी की पूजा सफेद कमल या गुलाबी कमल के फूलों से कर सकते हैं, इससे आप पर माता लक्ष्मी की कृपा होगी. कमल के फूल को सुख, शांति और समृद्धि का प्रतीक मानते हैं
गुलाब का फूल: अक्षय तृतीया के अवसर पर आप माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए लाल गुलाब का फूल चढ़ा सकते हैं. माता लक्ष्मी लाल गुलाब के फूल से खुश होती हैं क्योंकि लाल रंग उनको प्रिय है. लाल गुलाब अर्पित करने से धन से संंबंधित संकट दूर होते हैं. जीवन में आर्थिक समृद्धि आती है.
इन 3 फूलों के अलावा आप अक्षय तृतीया पर माता लक्ष्मी की पूजा लाल रंग के गुड़हल और गेंदे के फूलों से कर सकते हैं. ये दोनों फूल भी माता लक्ष्मी को प्रिय हैं.
कुबेर के प्रिय फूल
अक्षय तृतीया के दिन धनपति की पूजा आप पीले और सुनहरे रंग के फूलों से कर सकते हैं. कुबेर को प्रसन्न करने के लिए गेंदा, पारिजात, कमल, केतकी, सफेद और पीले कनेर के फूल अर्पित कर सकते हैं.
पारिजात के फूल: देव वृक्ष पारिजात का फूल शांति और पवित्रता का प्रतीक होता है. कुबेर को अर्पित करने से सुख, शांति और वैभव की प्राप्ति होती है.
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश