आबकारी विभाग की बड़ी उपलब्धि, सभी शराब दुकानें सफलतापूर्वक संचालित
व्यापारियों की मनमानी और बीयर शॉर्टेज के बावजूद 20,481.80 करोड़ राजस्व का अनुमान; कमिश्नर दीपक सक्सेना के फैसलों से बदली स्थिति
भोपाल। मध्यप्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी विभाग ने सभी 3553 शराब दुकानों का सफलतापूर्वक निष्पादन कर एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। विभाग को इन दुकानों से कुल 18,676.80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले वर्ष के वार्षिक मूल्य की तुलना में 12.33 प्रतिशत अधिक है। हालांकि इस पूरे वित्तीय वर्ष के दौरान शराब व्यापारियों की मनमानी और बीयर की शॉर्टेज जैसी समस्याएं भी सामने आईं। इन चुनौतियों के बीच आबकारी विभाग के कमिश्नर दीपक सक्सेना ने रेवेन्यू को अधिकतम स्तर तक पहुंचाने के लिए कई अहम फैसले लिए और जरूरत पड़ने पर यू-टर्न भी लिए। अंततः विभाग सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने में सफल रहा। दुकानों के अलावा अन्य स्रोतों से भी लगभग 1,775 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है, जो दुकानों से प्राप्त राजस्व का करीब 9.5 प्रतिशत है। इस प्रकार कुल राजस्व संग्रह 20,481.80 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
विभाग की कार्यप्रणाली, ई-टेंडर प्रक्रिया और समय-समय पर लिए गए प्रशासनिक निर्णय बने आबकारी विभाग की सफलता
गौरतलब है कि वित्त विभाग द्वारा इस वर्ष के लिए 20,279 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे आबकारी विभाग ने पार कर लिया है। इस उपलब्धि को विभाग की रणनीतिक कार्यप्रणाली, ई-टेंडर प्रक्रिया और समय-समय पर लिए गए प्रशासनिक निर्णयों का परिणाम माना जा रहा है, जिससे राज्य सरकार को अतिरिक्त वित्तीय मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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