प्रधानमंत्री जनमन योजना से बदली सेजाडीह की तस्वीर
रायपुर : प्रधानमंत्री जनमन योजना से कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में बसे ग्राम सेजाडीह की तस्वीर अब बदल चुकी है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से ग्राम सेजाडीह के लोगों को वह सुविधा मिली है जिसका इंतजार उन्होंने पीढ़ियों तक किया था। योजना के अंतर्गत पीएमजीएसवाई विभाग द्वारा सेंदूरखार से सेजाडीह तक 2.10 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण कराया गया है। इस सड़क निर्माण कार्य पर 1 करोड़ 56 लाख 88 हजार रुपए की लागत आई है। यह कार्य आसान नहीं था, क्योंकि गांव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है। सड़क निर्माण के लिए पहाड़ों की घाट कटिंग कर रास्ता तैयार किया गया।
कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में बसे ग्राम सेजाडीह के लोगों के लिए एक समय ऐसा था, जब गांव तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं था। पहाड़ की ऊंचाई पर बसे इस गांव में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवारों को वर्षों से आवागमन के लिए समस्या का सामना करना पड़ता था। गांव तक जाने के लिए केवल संकरे और पहाड़ी रास्ते थे, जिन पर पैदल चलना भी कठिन था। आजादी के दशकों बाद भी गांव के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित थे। मरीजों को अस्पताल ले जाना, बच्चों का स्कूल जाना, महिलाओं का घरेलू सामान लाना, किसानों का उपज बाजार तक पहुंचाना हर काम कठिनाइयों से भरा हुआ था।
ग्राम सेजाडीह के निवासी धनसिंह धुर्वे बताते हैं कि पहले गांव तक कोई सड़क नहीं थी। राशन, दवाई, घरेलू सामान और खेती के लिए आवश्यक वस्तुएं लाने के लिए पंडरिया और कुई बाजार तक जाना पड़ता था। सामान सिर पर या कंधे पर रखकर पहाड़ी रास्तों से गांव तक लाना बहुत कठिन था। धनसिंह कहते हैं कि अब पक्की सड़क बनने के बाद गांव तक वाहन आसानी से पहुंच रहे हैं। जरूरत का सामान सीधे गांव तक आ रहा है। इससे समय की बचत होने के साथ-साथ ग्रामीणों का श्रम भी कम हुआ है। अब गांव में हर मंगलवार को बाजार लगना भी शुरू हो गया है, जिससे लोगों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों बाद उनके गांव तक विकास की सड़क पहुंची है।
राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
'कॉकरोच आंदोलन' समाप्त, राहुल गांधी ने उठाए सवाल; छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार घिरी
'मेरी बात PM तक पहुंची', शरद पवार ने बताई धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के पीछे की पूरी कहानी
नौकरी का झांसा देकर बनाया बंधक, युवकों की आपबीती ने उड़ा दिए सभी के होश
सरकार के दावे बनाम हकीकत! 12 साल में किन-किन नेताओं ने दिया इस्तीफा?
दमिश्क हाईवे बना हादसे का शिकार, भीषण बस दुर्घटना में 35 की मौत
रालोद को बड़ा झटका, 10 पदाधिकारियों ने एक साथ छोड़ी पार्टी की जिम्मेदारी
सेबाश्रय शिविर घोटाले पर सियासत तेज, CM शुभेंदु ने 'धोखेबाज भतीजे' को ललकारा