अमित शाह का चुनावी हुंकार, बोले- अब नहीं चलेगी दीदी की सरकार
नई दिल्ली/दार्जिलिंग: पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। दार्जिलिंग में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ममता सरकार पर तीखा प्रहार किया और उत्तर बंगाल के विकास के लिए 'परिवर्तन' का आह्वान किया। शाह ने गोरखा समुदाय को विश्वास दिलाते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित उनकी समस्याओं का समाधान अब भाजपा की प्राथमिकता है।
गोरखा समुदाय के लिए बड़ा वादा
अमित शाह ने मंच से घोषणा की कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही मात्र छह महीने के भीतर गोरखा भाइयों और बहनों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सालों से चल रहे असंतोष को खत्म कर क्षेत्र में स्थिरता लाना भाजपा का मुख्य लक्ष्य है।
"दीदी की विदाई का समय"
कांग्रेस और टीएमसी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि इन दलों ने दार्जिलिंग और गोरखा समाज की केवल अनदेखी की है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा:
"उत्तर बंगाल वालों, इस बार कमल खिलाइये। दार्जिलिंग तो हमेशा से भाजपा के साथ रहा है, लेकिन अब पूरे बंगाल ने मन बना लिया है कि दीदी (ममता बनर्जी) को हटाने का समय आ गया है।"
बजट आवंटन में भेदभाव का आरोप
गृह मंत्री ने ममता सरकार की वित्तीय नीतियों पर सवाल उठाते हुए इसे 'अन्यायपूर्ण' करार दिया। उन्होंने दावा किया कि जहाँ उत्तर बंगाल, आदिवासियों और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए मात्र 2000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, वहीं अल्पसंख्यक क्षेत्रों और मदरसों के लिए 5800 करोड़ रुपये का बजट रखा गया। शाह ने वादा किया कि भाजपा की सरकार आते ही उत्तर बंगाल के साथ हो रहे इस सौतेले व्यवहार को समाप्त किया जाएगा।
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर कड़ा रुख
बंगाल की वर्तमान सुरक्षा स्थिति पर चिंता जताते हुए शाह ने संदेशखाली जैसी घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ममता शासन में महिलाओं पर हुए अत्याचारों ने राज्य को शर्मसार किया है। उन्होंने संकल्प लिया कि अपराध करने वाले हर शख्स को कानून के शिकंजे में कसा जाएगा और भाजपा सरकार सुरक्षा का नया मानक स्थापित करेगी।
सरकार के दावे बनाम हकीकत! 12 साल में किन-किन नेताओं ने दिया इस्तीफा?
दमिश्क हाईवे बना हादसे का शिकार, भीषण बस दुर्घटना में 35 की मौत
रालोद को बड़ा झटका, 10 पदाधिकारियों ने एक साथ छोड़ी पार्टी की जिम्मेदारी
सेबाश्रय शिविर घोटाले पर सियासत तेज, CM शुभेंदु ने 'धोखेबाज भतीजे' को ललकारा
CJP Protest पर BSP प्रमुख मायावती की दोटूक, कार्यकर्ताओं को दी सख्त हिदायत
FY26 रिजल्ट: PhonePe की रेवेन्यू बढ़ी, लेकिन मुनाफे की राह अब भी मुश्किल
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई सूची तैयार, जल्द मिल सकती है नेताओं को जिम्मेदारी
मौसम की मार: जम्मू-कश्मीर में 32 मौतें, कई इलाकों में भूस्खलन का खतरा