वैष्णो देवी चढ़ावे में बड़ा फर्जीवाड़ा? चांदी में सिर्फ 5% असली धातु
कटरा: वैष्णो देवी मंदिर में भक्तों द्वारा अर्पित किए गए 20 टन चढ़ावे की लैब जांच ने एक ऐसे काले सच को उजागर किया है, जिसने करोड़ों हिंदुओं की आस्था को झकझोर कर रख दिया है। यह सिर्फ पैसों की हेराफेरी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित 'स्वास्थ्य अपराध' है।
खुलासे के मुख्य बिंदु:
चांदी के नाम पर धोखा: लैब रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भक्तों द्वारा चढ़ाए गए छत्रों और सिक्कों में असली चांदी मात्र 5% से 6% ही थी। बाकी हिस्सा लोहे और घातक कैडमियम का था।
500 करोड़ का महा-घोटाला: शुद्धता के आधार पर जिस भंडार की कीमत ₹500 करोड़ से अधिक होनी चाहिए थी, उसकी वास्तविक कीमत मात्र ₹30 करोड़ निकली। यह एक बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा करता है।
जानलेवा कैडमियम: मिलावट के लिए इस्तेमाल की गई कैडमियम धातु फेफड़ों और किडनी के लिए बेहद खतरनाक है और इससे कैंसर का जोखिम बढ़ता है। इन्हें पिघलाने पर निकलने वाला धुआं भी जानलेवा है।
प्रशासन पर खड़े होते सवाल:
निगरानी की विफलता: कटरा के बाजारों में नकली चांदी बेचने वाले माफियाओं पर प्रशासन की नजर क्यों नहीं थी?
जवाबदेही: क्या उन दुकानदारों और निर्माताओं पर कड़ी कार्रवाई होगी जिन्होंने भक्तों की जान को खतरे में डाला?
भरोसे का संकट: इस घटना के बाद अब श्रद्धालु बाहरी दुकानों से चढ़ावा खरीदने और मंदिर में अर्पित करने से कतराएंगे।
सेबाश्रय शिविर घोटाले पर सियासत तेज, CM शुभेंदु ने 'धोखेबाज भतीजे' को ललकारा
CJP Protest पर BSP प्रमुख मायावती की दोटूक, कार्यकर्ताओं को दी सख्त हिदायत
FY26 रिजल्ट: PhonePe की रेवेन्यू बढ़ी, लेकिन मुनाफे की राह अब भी मुश्किल
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई सूची तैयार, जल्द मिल सकती है नेताओं को जिम्मेदारी
मौसम की मार: जम्मू-कश्मीर में 32 मौतें, कई इलाकों में भूस्खलन का खतरा
लापरवाही बनी काल, खुले सेप्टिक टैंक में गिरा 3 वर्षीय बच्चा, मौत से मातम
छात्रों के हित में योगी का बड़ा बयान, माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विपक्ष का हमला, टीकाराम जूली ने PM से की बड़ी अपील
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, बोले- इस वजह से मन है दुखी