बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद पहली कैबिनेट बैठक आज, CM शुभेंदु की अग्निपरीक्षा
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के बाद आज सोमवार को पहली कैबिनेट बैठक होने जा रही है। राज्य के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी की यह पहली बड़ी प्रशासनिक मीटिंग होगी। फिलहाल यह बैठक हावड़ा के मंदरतला स्थित सचिवालय 'नबान्न' में बुलाई गई है, जहाँ मुख्यमंत्री अपनी नई टीम के साथ सरकार चलाने का रोडमैप तैयार करेंगे। इस बैठक पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हैं क्योंकि इसमें कई बड़े नीतिगत फैसले लिए जा सकते हैं।
विरासत की ओर वापसी: फिर गुलजार होगी राइटर्स बिल्डिंग
पश्चिम बंगाल की राजनीति में 'नबान्न' और 'राइटर्स बिल्डिंग' को लेकर हमेशा चर्चा रही है। साल 2013 में ममता बनर्जी ने ज्योतिषीय सलाह पर सचिवालय को ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग से नबान्न शिफ्ट कर दिया था। अब शुभेंदु सरकार ने फैसला किया है कि राज्य का कामकाज फिर से अपनी पुरानी विरासत यानी राइटर्स बिल्डिंग से ही चलाया जाएगा। बुद्धदेव भट्टाचार्य तक बंगाल के सभी मुख्यमंत्रियों ने वहीं से शासन किया था। बीजेपी सरकार का यह कदम बंगाल की पुरानी प्रशासनिक परंपरा को बहाल करने की एक कोशिश माना जा रहा है।
कैबिनेट और नौकरशाहों के साथ बैठकों का दौर
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का आज का शेड्यूल काफी व्यस्त रहने वाला है। सुबह 10:30 बजे वे प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के साथ चर्चा करेंगे। इसके बाद दोपहर 12 बजे कैबिनेट की अहम बैठक होगी, जिसमें नए मंत्रियों के विभागों के बंटवारे पर मुहर लगेगी। कैबिनेट के तुरंत बाद मुख्यमंत्री राज्य के टॉप अधिकारियों (मुख्य सचिव और सचिवों), सभी जिलाधिकारियों (DMs) और पुलिस के बड़े अफसरों के साथ तीन अलग-अलग राउंड की मीटिंग करेंगे, ताकि प्रशासन को नई दिशा दी जा सके।
सामूहिक नेतृत्व: ममता बनर्जी से अलग होगा वर्किंग स्टाइल
प्रशासन चलाने के तरीके को लेकर शुभेंदु अधिकारी ने अपनी रणनीति साफ कर दी है। उन्होंने संकेत दिया है कि उनकी सरकार 'वन मैन शो' के बजाय सामूहिक नेतृत्व (Collective Leadership) के सिद्धांत पर चलेगी। शुभेंदु का कहना है कि वे पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मॉडल से अलग हटकर काम करेंगे। उनकी सरकार का फोकस संगठन और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर होगा, ताकि फैसलों में पारदर्शिता रहे और जनता की समस्याओं का तेजी से समाधान किया जा सके।
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