केरल में नेतृत्व को लेकर विवाद, चेन्निथला ने पीएम के बयान पर किया पलटवार
तिरुवनंतपुरम: केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस बरकरार है, जिसके चलते जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस तंज पर करारा जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री चुनने में हो रही देरी पर सवाल उठाए थे। चेन्निथला ने चुटकी लेते हुए कहा कि शायद प्रधानमंत्री को 'याददाश्त की समस्या' हो गई है, क्योंकि वे भूल गए हैं कि खुद उनकी पार्टी (भाजपा) को दिल्ली में मुख्यमंत्री घोषित करने में 50 दिन लग गए थे।
लोकतंत्र बनाम तानाशाही: चेन्निथला का BJP पर निशाना
चेन्निथला ने कांग्रेस के बचाव में कहा कि उनकी पार्टी एक लोकतांत्रिक संगठन है, जहाँ तानाशाही नहीं चलती। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां तो मोदी और शाह जो तय कर लें, वही अंतिम होता है, लेकिन कांग्रेस में सभी की राय ली जाती है। चेन्निथला ने साफ किया कि केरल के नेतृत्व को लेकर फैसला पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री को नसीहत दी कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले उन्हें अपना अतीत और अपनी पार्टी की कार्यशैली को नहीं भूलना चाहिए।
हाईकमान के फैसले का इंतजार, ये नाम हैं रेस में
मुख्यमंत्री के नाम पर हो रही देरी को लेकर चेन्निथला ने बताया कि पार्टी पर्यवेक्षक केरल आए थे और उन्होंने सभी विधायकों से बात की है। फिलहाल सन्नी जोसेफ, वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और खुद रमेश चेन्निथला जैसे बड़े नामों पर चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि रायशुमारी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब गेंद कांग्रेस हाईकमान के पाले में है। पार्टी को उम्मीद है कि जल्द ही किसी एक नाम पर मुहर लग जाएगी और राज्य में नई सरकार अपना कामकाज शुरू करेगी।
PM मोदी ने कसा था 'पीठ में छुरा घोंपने' वाला तंज
इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस के भीतर भारी गुटबाजी है और पार्टी नेतृत्व अपने ही नेताओं की पीठ में छुरा घोंपता है। PM ने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा था कि वहां सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच की लड़ाई से प्रशासन ठप है और अब केरल में भी वही हाल हो रहा है। बता दें कि केरल की 140 सीटों में से कांग्रेस गठबंधन (UDF) ने 102 सीटों पर शानदार जीत हासिल की है, लेकिन बहुमत के बावजूद अब तक मुख्यमंत्री तय न हो पाना चर्चा का विषय बना हुआ है।
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