डिजिटल इंडिया की राह पर अबूझमाड़ : रायनार में मोबाइल टावर शुरू, वनांचल में गूँजेगी घंटी
रायपुर : छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचल और अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल टावर शुरू होने से संचार क्रांति की एक नई शुरुआत हुई है। सालों तक 'नो नेटवर्क जोन' में रहे नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड के सहाका डोन (टाकाडोंड) जैसे गाँवों में अब मोबाइल की घंटी गूँज उठी है। छत्तीसगढ़ के सबसे दुर्गम और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों वाले अबूझमाड़ क्षेत्र के लिए आज एक नया सवेरा हुआ है। ओरछा विकासखंड के ग्राम रायनार में नया मोबाइल टावर स्थापित होने के साथ ही यह क्षेत्र अब वैश्विक संचार नेटवर्क से जुड़ गया है।
इन गांवों को मिलेगा सीधा लाभ
अब ग्रामीणों को नेटवर्क के लिए ऊँची पहाड़ियों पर नहीं चढ़ना पड़ेगा वे घर बैठे ही अपनों से बात कर रहे हैं। जिला प्रशासन और दूरसंचार विभाग के समन्वय से स्थापित इस टावर से व्यापक क्षेत्र कवर होगा। इसका सीधा लाभ इन गांवों को मिलेगा, जिनमें रायनार, नुलवट्टी, झोरी और डीडरभट्टी रेंगाबेड़ा और मडाली के दुर्गम इलाके शामिल हैं।
पहाड़ों पर चढ़ने की मजबूरी हुई खत्म
करीब 590 की आबादी वाले ग्राम रायनार के ग्रामीणों के लिए अब तक मोबाइल सिग्नल पाना एक संघर्ष था। नेटवर्क की तलाश में उन्हें ऊंचे पहाड़ों पर चढ़ना पड़ता था या मीलों पैदल चलना पड़ता था। टावर शुरू होने से अब बैंकिंग, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और शासकीय योजनाओं का लाभ घर बैठे मिल सकेगा।
शिक्षा और विकास को मिलेगी नई गति
स्थानीय विद्यार्थियों को अब ऑनलाइन शिक्षा और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिलेगा। डिजिटल ट्रांजेक्शन के क्षेत्र में ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं का विस्तार होगा। मितान जैसी ऑनलाइन सेवाओं तक ग्रामीणों की सीधी पहुँच होगी। प्रशासन के लिए रायनार में टावर की स्थापना इस संवेदनशील क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी जीत है। यह पहल अबूझमाड़ के युवाओं को देश-दुनिया से जोड़कर उनके सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करेगी।
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