हरिद्वार में श्रद्धा का संगम, सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान को जुटे लाखों लोग
हरिद्वार। सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर हरिद्वार के हर की पौड़ी सहित सभी प्रमुख गंगा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। देश कोने-कोने से आए भक्तों ने गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना की।
300 साल बाद बना है यह दुर्लभ संयोग
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी के अनुसार, इस बार ग्रहों की विशेष स्थिति, सोमवती अमावस्या और अधिक मास (मलिक मास) के मिलने से करीब 300 साल बाद एक बेहद दुर्लभ और शुभ संयोग बना है। इसका हरिद्वार, प्रयागराज और सरयू तट जैसे सभी पवित्र तीर्थों में बहुत बड़ा महत्व है।
पितरों के तर्पण और पीपल पूजा का महत्व
-
पितृ तर्पण: मान्यता है कि इस दिन जो लोग पूरे महीने का व्रत रखते हैं, उन्हें अपने पूर्वजों और पितरों की मुक्ति व कल्याण के लिए तर्पण और प्रार्थना करनी चाहिए। यदि कोई पवित्र नदी पर नहीं जा सकता, तो वह घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकता है।
-
पीपल वृक्ष की महत्ता: भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में पीपल (अश्वत्थ) को अपना ही रूप बताया है। पीपल का पेड़ चौबीसों घंटे ऑक्सीजन देता है, इसलिए हमारे ऋषियों ने इसकी पूजा और संरक्षण की परंपरा बनाई। इस दिन पीपल को जल चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है।
-
पूजा की विधि: इस दिन सबसे पहले गंगा स्नान करना चाहिए और उसके बाद भगवान शिव का जलाभिषेक करना चाहिए।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। जिलाधिकारी और एसएसपी ने खुद घाटों पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मेले को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं:
-
पूरे मेला क्षेत्र को 6 सुपर जोन, 16 जोन और 40 सेक्टरों में बांटा गया है।
-
हर स्तर पर पुलिस अधिकारियों (डिप्टी एसपी, सीओ, इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर) की तैनाती की गई है।
-
आपातकालीन स्थिति और सुरक्षा के लिए SDRF, NDRF, बम निरोधक दस्ता (BDS) और डॉग स्क्वायड की टीमें भी घाटों पर मुस्तैद हैं।
राशिफल 28 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
अजोला से संवरी आजीविका : धमतरी की बिहान दीदियों ने प्राकृतिक खेती और आत्मनिर्भरता का रचा नया इतिहास
पीएम सूर्य घर योजना से राजेंद्र कुमार साहू बने ऊर्जा आत्मनिर्भर
बाघ सप्ताह के अंतर्गत वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में पॉम पेंटिग प्रतियोगिता का आयोजन
सुशासन का ‘सेवा सेतु’: नेतानार के फूलसिंह और रामबती को आवेदन के दिन ही मिला विवाह प्रमाण पत्र
डिजिटल क्रांति से जगमगाया अबूझमाड़
बाहरी आडंबरों से अलग है दादाजी धूनीवाले धाम, जहां आध्यात्मिक शक्ति का होता है अनुभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से समय पर उपचार ने बचाई 4 वर्षीय मासूम की जान
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से दिव्यांग समझराम साहू को मिली बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसायकल
निशातपुरा रेलवे स्टेशन से भोपाल के विकास को मिलेगी नई रफ्तार : मंत्री सारंग