राजधानी की मेट्रो पर अस्थायी ब्रेक, CMRS निरीक्षण रिपोर्ट बनेगी निर्णायक
भोपाल: राजधानी भोपाल में मेट्रो के सफर को और ज्यादा रफ्तार देने और यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसके तहत शहर के सुभाष नगर से एम्स के बीच संचालित हो रही मेट्रो सेवा अगले दो दिनों यानी बुधवार और गुरुवार को पूरी तरह से बंद रहेगी। इस दौरान कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की विशेष टीम मेट्रो के सिग्नलिंग सिस्टम की बारीकी से जांच करेगी और सबकुछ मानकों के अनुरूप पाए जाने पर अपनी अंतिम 'ओके' रिपोर्ट जारी करेगी। इस तकनीकी परीक्षण को सुरक्षित ढंग से पूरा करने के लिए ही आम जनता के लिए दो दिनों तक मेट्रो का संचालन रोकने का फैसला लिया गया है।
फिलहाल एक ही ट्रैक पर चल रही है मेट्रो
वर्तमान में भोपाल और इंदौर दोनों ही शहरों की मेट्रो में अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम पूरी तरह सक्रिय नहीं है। इस तकनीकी सीमा के कारण मेट्रो प्रबंधन को केवल एक ही ट्रैक (डाउन ट्रैक) का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। वर्तमान व्यवस्था में सुभाष नगर से एम्स के बीच जाने और आने वाली, दोनों ही ट्रेनें एक ही ट्रैक पर दौड़ रही हैं। इसी वजह से ट्रेनों के फेरों के बीच का समय (फ्रीक्वेंसी) पूरे 75 मिनट का है, जिसके कारण यात्रियों को स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ता है, जबकि दूसरा ट्रैक (अप ट्रैक) अभी खाली रहता है।
जांच के बाद दोनों ट्रैक पर शुरू होगी सेवा
इस दो दिवसीय सघन जांच और कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी की हरी झंडी मिलने के बाद दोनों ही ट्रैक पर मेट्रो ट्रेनों का सुचारू संचालन शुरू हो जाएगा। नया सिग्नलिंग सिस्टम चालू होते ही मेट्रो का नया टाइम-टेबल और शेड्यूल जारी किया जाएगा, जिसकी संभावना आगामी जुलाई महीने में जताई जा रही है। नया शेड्यूल लागू होने से ट्रेनों के बीच का समय काफी कम हो जाएगा और यात्रियों को हर कुछ मिनटों में मेट्रो मिल सकेगी।
आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम पर खर्च हुए करोड़ों
सुभाष नगर से एम्स के बीच तैयार किए गए इस कॉरिडोर पर बेहद आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिग्नलिंग सिस्टम स्थापित किया गया है। यह पूरा कॉरिडोर भोपाल में लगभग ₹800 करोड़ की लागत से बन रहे 30 किलोमीटर लंबे विस्तृत प्रोजेक्ट के पहले चरण का एक अहम हिस्सा है। इस नए सिस्टम के पूरी तरह चालू होने के बाद भोपाल मेट्रो का संचालन न सिर्फ तेज और सुरक्षित होगा, बल्कि बेहद सुव्यवस्थित भी हो जाएगा, जिससे राजधानी के यात्रियों को एक विश्वस्तरीय यात्रा का अनुभव मिलेगा।
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