दमोह में आवास योजना को लेकर भावुक हुईं मंत्री की मौसी, प्रशासन से लगाई गुहार
दमोह। जिले के तेंदूखेड़ा में बीते मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में एक अनोखा मामला सामने आया। इस प्रशासनिक शिविर में अपनी फरियाद लेकर खुद केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र सिंह खटीक की सगी मौसी भी पहुँची थीं। वह पिछले काफी समय से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान की राह देख रही हैं। जनसुनवाई के दौरान जब उन्होंने जनपद सीईओ से अपने आशियाने की मंजूरी को लेकर सवाल किया, तो अधिकारी ने जवाब दिया कि इस प्रक्रिया में अभी कम से कम एक साल का वक्त लग सकता है।
अधिकारी का टका सा जवाब सुन छलके बुजुर्ग महिला के आंसू
सीईओ की बात सुनते ही वह भावुक हो गईं और दुखी मन से कहा, "अगर मैं तब तक जिंदा ही रही, तभी तो इस सरकारी मकान का सुख देख पाऊंगी।" गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक की मौसी तुलसा खटीक तेजगढ़ इलाके में बिल्कुल अकेली रहती हैं। उनकी कोई संतान नहीं है और पति का काफी समय पहले देहांत हो चुका है। वह अपनी आजीविका चलाने के लिए सब्जी बेचने का काम करती हैं।
साल भर पहले केंद्रीय मंत्री के दौरे पर मिला था भरोसा
तुलसा खटीक अपनी इस समस्या को लेकर जनपद सीईओ मनीष बागड़ी के पास पहुँची थीं, जहाँ उन्होंने पीएम आवास के साथ-साथ अपने मोहल्ले में नाली बनवाने की मांग रखी। इस पर सीईओ ने नाली का काम जल्द शुरू कराने का आश्वासन तो दिया, लेकिन पक्के मकान के लिए एक साल का इंतजार करने को कहा। इस पर बुजुर्ग तुलसा ने अपनी उम्र का हवाला देते हुए लाचारी जताई। करीब एक साल पहले जब खुद केंद्रीय मंत्री उनके घर आए थे, तब भी स्थानीय अमले ने उन्हें जल्द से जल्द आवास मुहैया कराने का भरोसा दिया था।
प्रशासनिक शिविर में निपटाए गए कई मामले
इस जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान पूरे इलाके से बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी लगभग 20 से 25 शिकायतें और आवेदन दर्ज किए गए। मौके पर मौजूद अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) सीजी गोस्वामी, जनपद सीईओ मनीष बागड़ी, तहसीलदार विवेक व्यास और नायब तहसीलदार चंद्रशेखर शिल्पी समेत विभिन्न विभागों के आला अफसरों ने आम जनता की तकलीफों को सुना और संबंधित महकमों को तय समय सीमा के भीतर उचित कदम उठाने के सख्त निर्देश दिए।
'मेरी बात PM तक पहुंची', शरद पवार ने बताई धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के पीछे की पूरी कहानी
नौकरी का झांसा देकर बनाया बंधक, युवकों की आपबीती ने उड़ा दिए सभी के होश
सरकार के दावे बनाम हकीकत! 12 साल में किन-किन नेताओं ने दिया इस्तीफा?
दमिश्क हाईवे बना हादसे का शिकार, भीषण बस दुर्घटना में 35 की मौत
रालोद को बड़ा झटका, 10 पदाधिकारियों ने एक साथ छोड़ी पार्टी की जिम्मेदारी
सेबाश्रय शिविर घोटाले पर सियासत तेज, CM शुभेंदु ने 'धोखेबाज भतीजे' को ललकारा
CJP Protest पर BSP प्रमुख मायावती की दोटूक, कार्यकर्ताओं को दी सख्त हिदायत
FY26 रिजल्ट: PhonePe की रेवेन्यू बढ़ी, लेकिन मुनाफे की राह अब भी मुश्किल