महंगाई पर लग सकती है लगाम, पेट्रोल-डीजल के दाम घटने के मिले संकेत
नई दिल्ली। देश में ईंधन की ऊंची कीमतों से परेशान उपभोक्ताओं के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक बेहद सकारात्मक और बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने वैश्विक बाजार की स्थिति को देखते हुए घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दामों में कटौती किए जाने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया है कि यदि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के भाव आगामी दो से तीन महीनों तक इसी तरह निचले स्तर पर स्थिर बने रहते हैं, तो सरकार निश्चित रूप से आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कीमतों को कम करने के विकल्प पर विचार करेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि इस विषय पर अभी कोई अंतिम मुहर नहीं लगाई गई है।
वैश्विक तनाव के बीच तेल कंपनियों ने उठाया भारी नुकसान
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने तेल विपणन कंपनियों की वित्तीय स्थिति और वैश्विक चुनौतियों का ब्योरा साझा किया। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों पश्चिम एशिया में भड़के भीषण भू-राजनीतिक संघर्ष और युद्ध के हालातों के कारण अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में अप्रत्याशित रूप से भारी उछाल आया था। उस बेहद चुनौतीपूर्ण समय में देश के नागरिकों को महंगाई के झटके से बचाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की सरकारी तेल कंपनियों (ओएमसी) ने पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी सिलेंडर को उनकी वास्तविक लागत से काफी कम कीमत पर बेचा, जिसके कारण कंपनियों को 30 जून तक कुल 74,781 करोड़ रुपये का भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।
बाजार की स्थिरता पर टिकी हैं भविष्य की कीमतें
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आ रही गिरावट से तेल कंपनियों के घाटे की भरपाई हो रही है और स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है। सरकार का मानना है कि खुदरा कीमतों में किसी भी तरह की कटौती का निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव लगातार जारी है। यदि आने वाले कुछ हफ्तों तक वैश्विक बाजार का रुख ऐसा ही नरम बना रहता है और कच्चे तेल के दाम स्थिर रहते हैं, तो तेल कंपनियां और मंत्रालय मिलकर देश के नागरिकों को सीधे तौर पर इसका फायदा पहुंचाने के लिए कदम उठाएंगे।
आम जनता और परिवहन क्षेत्र को बड़ी कटौती की उम्मीद
ईंधन की कीमतों में संभावित कटौती की इस सुगबुगाहट ने देश के व्यापारिक और घरेलू मोर्चे पर एक नई उम्मीद जगा दी है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में गिरावट आती है, तो इससे न केवल आम आदमी की जेब का बोझ कम होगा, बल्कि माल ढुलाई और परिवहन लागत घटने से दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी नीचे आएंगी। सरकार इस समय पूरी सतर्कता के साथ अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य पर नजर बनाए हुए है ताकि घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और आम जनता को महंगाई से परमानेंट राहत देने के बीच एक सही संतुलन स्थापित किया जा सके।
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