पिता की स्मृति में पुत्र ने बनाया बैकुंठ द्वार
छतरपुर। सिंघाड़ी नदी के तट पर स्थित शहर के सबसे प्राचीन मुक्ति धाम में स्वर्गीय समाजसेवी कृष्णमुरारी असाटी की स्मृति में उनके पुत्र बॉबी असाटी द्वारा बैकुंठ द्वार का निर्माण कराया गया है, जिसका शनिवार को संत समाज, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और शहर के गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में लोकार्पण हुआ।
आयोजन के संबंध में कमलकांत असाटी बॉबी ने बताया कि उन्होंने अपने देवलोकवासी पिता कृष्णमुरारी असाटी की स्मृति में बैंकुंठ द्वार का निर्माण कराया है, जिसका लोकार्पण जानराय टोरिया के महंत भगवानदास श्रृंगारी महाराज, पीतांबरा मंदिर के पुजारी बृजेश महाराज, छतरपुर विधायक श्रीमती ललिता यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रभान सिंह गौतम, पूर्व विधायक पुष्पेन्द्र नाथ पाठक गुड्डन, छतरपुर नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती ज्योति चौरसिया, अनुविभागीय अधिकारी अखिल राठौर, वरिष्ठ पत्रकार हरिप्रकाश अग्रवाल एवं श्रीमती चंपा असाटी जी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में असाटी परिवार द्वारा से अन्नपूर्णा रामलीला समिति, लालक?क्का रामलीला समिति, संकट मोचन समिति, हनुमान टौरिया समिति और जानराय टौरिया समिति को रामचरितमानस एवं श्रीमद्भागवत पुराण भेंट कर सम्मानित किया। वहीं मूर्तिकार दिनेश शर्मा और समाजसेवी राजेंद्र अग्रवाल को विशेष तौर पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में स्वर्गीय कृष्णमुरारी असाटी के भाई रज्जन, सज्जन, बद्री, राजकुमार असाटी, पुत्र रोमी एवं बॉबी असाटी, भतीजे सोनू, मोनू, गौरव, राजुल, रजत एवं कान्हा असाटी के अलावा समाजसेवी शंकर सोनी, शिवसेना के जिला प्रमुख मुन्ना तिवारी सहित बड़ी संख्या में शहर के लोग उपस्थित रहे।
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